साहिबाबाद। अभिनेता नाना पाटेकर के साथ काम करने वाले गाजियाबाद के फिल्म कलाकार निशिकांत दीक्षित के लिए उनके साथ बिताए 35 दिन आज भी यादगार हैं। फिल्म ‘एक: द पावर ऑफ वन’ की शूटिंग के दौरान निशिकांत ने नाना पाटेकर के असिस्टेंट की भूमिका निभाई थी। मुंबई और चंडीगढ़ में हुई शूटिंग के दौरान उनके साथ बिताया समय निशिकांत के लिए अभिनय सीखने के साथ ही कई दिलचस्प यादों से जुड़ गया।
निशिकांत बताते हैं कि नाना पाटेकर को खाली समय में सीप ताश खेलना काफी पसंद था। यूनिट में वह उन कलाकारों में थे, जिन्हें सीप खेलना आता था। लंच ब्रेक होते ही नाना पाटेकर अक्सर कहते, निशि रेडी रहो, सीप खेलेंगे। दोनों जल्दी खाना खाते और पेड़ की छांव या मेकअप रूम में ताश लेकर बैठ जाते। करीब एक घंटे तक बाजी चलती। कभी नाना जीतते तो कभी निशिकांत बाजी अपने नाम कर लेते। उन्होंने बताया कि सबसे अच्छी बात नाना की यह थी, उन्होंने ‘एक: द पावर ऑफ वन’ की शूटिंग के पैसों का चेक पुणे के किसानों के नाम किया था। वह अच्छे इंसान साथ लोगों की सहायता करने में भी आगे रहते थे। निशिकांत ने बताया कि फिल्म की शूटिंग करीब 20-22 दिन मुंबई और लगभग 15 दिन चंडीगढ़ में हुई थी।
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2004 से फिल्मों में सक्रिय हैं निशिकांत
मालीवाड़ा निवासी निशिकांत दीक्षित वर्ष 2004 से फिल्म और टेलीविजन से जुड़े हैं। वह जब वी मेट, लागा चुनरी में दाग, वांटेड, वीर, भेजा फ्राई और बंटी और बबली जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। इसके अलावा द रेलवे मेन, फ्लाइट अटेंडेंट और द फैमिली मैन-3 जैसी वेब सीरीज में भी नजर आए हैं। छोटे पर्दे पर भी उन्होंने क्राइम कंट्रोल समेत कई धारावाहिकों में अभिनय किया है। निशिकांत बताते हैं कि नाना पाटेकर एक अच्छे कलाकार के साथ संवेदनशील इंसान भी थे। शूटिंग में किसी वजह से देरी होने पर वह पूरी यूनिट के सामने माफी मांगने में संकोच नहीं करते थे। तकनीशियनों और यूनिट के दूसरे सदस्यों का भी विशेष ध्यान रखते थे। कई बार वह अपने साथ पूरी यूनिट के लिए नाश्ता भी लेकर आते थे।
नाना से सीखे अभिनय के कई गुर
निशिकांत का कहना है कि नाना पाटेकर के साथ काम करना उनके लिए किसी सीख से कम नहीं था। शूटिंग के दौरान उन्होंने नाना के काम करने के तरीके और अभिनय की बारीकियों को करीब से देखा। उनके साथ असिस्टेंट के तौर पर काम करते हुए अभिनय के कई गुर सीखें।