समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के तैयार किए जा रहे मास्टर डाटाबेस में ब्योरा मुहैया नहीं करना इंजीनियरिंग कालेजों की परेशानी बढ़ा सकता है। एकेटीयू ने मास्टर डाटाबेस के आनलाइन पोर्टल पर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति से जुड़ा ब्योरा अपलोड नहीं करने पर प्रदेश भर के 34 संस्थानों को चेतावनी जारी की है।
इसमें गाजियाबाद के छह और बुलंदशहर के तीन इंजीनियरिंग कालेज शामिल हैं। कालेजों को अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में अब तक तीन रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं, लेकिन कालेजों ने अभी तक पूरा ब्योरा वेबसाइट पर नहीं डाला है।
विवि की ओर से अब पांच नवंबर तक आखिरी मोहलत दी गई है। इसके बाद छात्रवृत्ति न मिलना और शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं होने पर कालेज ही जिम्मेदार होंगे। विवि द्वारा गाजियाबाद के आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बाबू बनारसी दास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एचआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एचआर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी व मैनेजमेंट और इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग शामिल हैं।
बुलंदशहर के कालेजों में ब्रह्मानंद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, बाबू बनारसी दास इंस्टीट्यूट व बाबू बनारसी दास इंस्टीट्यूट खुर्जा शामिल है। कालेजों को 2016 तक डाटाबेस में अंकित की गई सूचनाओं की प्रमाणित प्रति मास्टर डाटाबेस लॉक करते हुए देनी होगी।