प्रद्युम्न उपाध्याय
गाजियाबाद। जनपद के औद्योगिक क्षेत्रों में 3000 किमी के क्षेत्र में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की लाइन बिछ चुकी है। इसके बावजूद अब तक 29531 औद्योगिक इकाइयों में पीएनजी का कनेक्शन नहीं है। जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 30232 इकाइयों हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) की मानें तो 2011 से लेकर अब तक केवल 701 इकाइयों ने ही पीएनजी का कनेक्शन लिया है।
खराब वायु गुणवत्ता के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से डीजल से चलने वाले डीजी सेट के संचालन पर रोक लगा रखी है। वहीं हर साल वायु प्रदूषण को नियंत्रण के लिए अक्तूबर से लागू होने वाले ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के कारण डीजल चलित डीजी सेट पर रोक लग जाती है। इसके बावजूद पीएनजी कनेक्शन लेने की रफ्तार बेहद धीमी है। बीते पांच माह में केवल 50 इकाइयों ने पीएनजी कनेक्शन लिया है। प्रदूषण की रोकथाम और पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के शासन व प्रशासन स्तर के प्रयास जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
आर्यनगर में नहीं बिछी लाइन, राजेंद्र-रूपनगर में एक भी कनेक्शन नहीं
आईजीएल की ओर से आर्यनगर औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी की लाइन नहीं बिछाई गई है। वहीं मोरटा औद्योगिक क्षेत्र के साथ देहात के कुछ इंडस्ट्रियल क्षेत्रों के कुछ दूरी से पाइप लाइन जा रही है। आईजीएल के अधिकारियों का कहना है कि अगर इन इकाइयों की ओर से आवेदन किया जाता है तो एक माह के अंदर पाइपलाइन बिछा दी जाएगी। दूसरी ओर राजेंद्रनगर औद्योगिक क्षेत्र में 225 और रूपनगर औद्योगिक क्षेत्र में 250 औद्योगिक इकाइयां हैं। यहां आईजीएल ने पाइल पालइन बिछा दी है, इसके बावजूद अब तक एक भी इकाई ने कनेक्शन नहीं लिया है।
जेनरेटर को पीएनजी में बदलने की तकनीक महंगी
आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के चेयरमैन राकेश अनेजा का कहना है कि जेनरेटर सेट को पीएनजी में परिवर्तित करने केलिए लगने वाली डिवाइस (रेट्रोफिटेड फिटेड एमिशन कंट्रोल डिवाइस) बहुत महंगी है। वहीं यह तकनीक केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से प्रमाणित नहीं है। बड़े सेट के पीएनजी में परिवर्तित कराने की लागत करीब 2000 रुपये प्रति केवी आती है। ऐसे में लगने के बाद यह डिवाइस सात से आठ लाख तक बैठती है। नया पीएनजी जेनसेट 15 लाख तक पड़ता है। सभी के लिए इसे वहन करना आसान नहीं है। पांच से 85 केवीए के डीजी सेट को पीएनजी में परिवर्तित की तकनीक नहीं है। इसके बावजूद अब उद्यमी बड़ी संख्या में पीएनजी कनेक्शन ले रहे हैं।
आगरा में सब्सिडी, पंजाब व हरियाणा से दाम अधिक
गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के अध्यक्ष अरुण शर्मा का कहना है कि पीएनजी में परिवर्तित कराने की लागत अधिक होने के साथ पारंपरिक ईंधन की तुलना में एनसीआर में पीएनजी की कीमत पंजाब, हरियाणा से अधिक है। आगरा व फिरोजाबाद में भी पीएनजी पर सब्सिडी है। सरकार की ओर से सब्सिडी मिलने पर उद्यमी कनेक्शन लेने को प्रोत्साहित होंगे।
आईजीएल का दावा, लागत आएगी कम
आईजीएल के अधिकारी ने दावा किया है कि डीजल के मुकाबले पीएनजी के इस्तेमाल से उद्योगों को लाभ होगा। गाजियाबाद में पीएनजी के दाम 57.15 प्रति किलो है, वैट लगाकर यह 61 रुपये बैठती है। जबकि डीजल 90 रुपये के करीब है। साथ ही डीजल को लाने के लिए अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट खर्च भी होता है। इससे उद्यमियों की लागत घटेगी।
इन औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी लाइन
बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र, कविनगर औद्योगिक क्षेत्र, मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र, पांडव नगर औद्योगिक क्षेत्र, स्वदेशी कंपाउंड, अमृत स्टील कंपाउंड, साइट चार औद्योगिक क्षेत्र, साइट दो औद्योगिक क्षेत्र, मोहननगर व आनंदनगर औद्योगिक क्षेत्र, रूपनगर व राजेंद्रनगर, जीटी रोड, ट्रॉनिका सिटी सहित अन्य में पीएनजी लाइन बिछ चुकी है। सर्वाधिक 220 कनेक्शन साइट चार औद्योगिक क्षेत्र में हैं।