गाजियाबाद। प्रयागराज में माघ मेला शुरू हो चुका है। मेले के प्रमुख स्नानों की तिथि से नौ दिन पहले जिले में संचालित 300 से अधिक जल प्रदूषणकारी फैक्टरियां बंद रखे जाने का निर्देश जारी किया गया है। इसमें सबसे अधिक करीब डेढ़ सौ फैक्टरियां लोनी में संचालित हैं।
गाजियाबाद से प्रयागराज की दूरी करीब सात सौ किलोमीटर है। हिंडन में गिरने वाला फैक्टरियों का गंदा पानी करीब नौ दिन में प्रयागराज पहुंच जाता है इसलिए हर साल माघ मेले में गंगा को निर्मल रखने के लिए प्रदेश के जिलों में नदियों के किनारे संचालित जल प्रदूषणकारी फैक्टरियों को मुख्य स्नान से कुछ दिन पहले बंद कर दिया जाता है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ विकास मिश्र ने बताया कि मकर संक्राति 15 जनवरी को है इसलिए छह से आठ जनवरी तक फैक्टरियों को बंद कराया गया था। दूसरे चरण में पौष पूर्णिमा के लिए 15 से 18 जनवरी तक फैक्टरियों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। पौष पूर्णिमा 25 जनवरी को है। नौ फरवरी को मौनी अमावस्या है इसलिए 31 जनवरी से दो फरवरी और नौ फरवरी को फैक्टरियां बंद रहेंगी। सभी डाइंग फैक्टरी बंद रहेंगी।
बसंत पंचमी 14 फरवरी को है। पांच से सात और 14 फरवरी को फैक्टरियां बंद रखी जाएंगी। माघी पूर्णिमा 24 फरवरी को है। 15 से 17 और 24 फरवरी को फैक्टरियां बंद रखी जाएंगी। महाशिवरात्रि आठ मार्च को है। इस दिन भी प्रयागराज में प्रमुख स्नान है। 27 फरवरी से एक मार्च और आठ मार्च को चार दिन फैक्टरियों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नहीं कटेगा वेतन
शासन की ओर से आदेश जारी किए गए हैं कि जिन तिथियों पर फैक्टरियां बंद रखी जाएंगी, उन तिथियों पर श्रमिकों का वेतन नहीं काटा जाएगा।