गाजियाबाद। शहर के 2900 बड़े बकायेदारों पर नगर निगम ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। सभी 100 वार्डाें में कम से कम 20-20 बड़े बकायेदारों को चिह्नित कर सूची तैयार कर संपत्तिकर वसूली के लिए अंतिम नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नोटिस की 15 दिन की अवधि में संपत्तिकर जमा न कराया गया तो बकायेदारों की संपत्ति सील की जाएंगी।
यह बकायेदार वह है जो कई साल से नगर निगम का संपत्तिकर दबाकर बैठे हैं और डिमांड नोटिस जारी करने के बाद भी उन्होंने रकम जमा नहीं कराई। इन बकायेदारों पर नगर निगम की 47 करोड़ से ज्यादा की रकम बकाया है। नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सभी जोन के इन बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कराई है। वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में अब इन पर कार्रवाई कर बकाया टैक्स की वसूली की जाएगी। संपत्तिकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक जोन में बकायेदारों को पहले डिमांड नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद भी रकम जमा न करने पर अब कुर्की के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद भी बकाया रकम जमा न कराई गई तो नोटिस की अवधि बीतने के बाद इनकी संपत्तियों की सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन बकायेदारों में करीब 80 फीसदी व्यावसायिक भवन और 20 फीसदी आवासीय भवन मालिक हैं। वहीं, बुधवार को नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों और कर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर टैक्स वसूली की समीक्षा कर टैक्स वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए।
जोनवार डिफाल्टरों की संख्या और उन पर बकाया रकम
जोन का नाम डिफाल्टर बकाया रकम
वसुंधरा 650 21.38 करोड़
मोहननगर 670 8.83 करोड़
कविनगर 390 5.38 करोड़
सिटी 690 8.24 करोड़
विजयनगर 480 4.12 करोड़