साहिबाबाद। भोपुरा स्थित तुलसी निकेतन कॉलोनी एलआईजी फ्लैटों की सफाई व्यवस्था पर हर साल लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद गंदगी से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कॉलोनी में सफाई कार्य के लिए करीब 28 लाख रुपये का टेंडर होता है, इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमित सफाई नहीं हो रही है। लोगों का दावा है कि करीब 2200 फ्लैटों की सफाई व्यवस्था केवल सात कर्मचारियों के भरोसे है।
कॉलोनी में मकान नंबर 44, 45 और 52, 53 के बीच की गली में कई महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और पानी ओवरफ्लो होने से रास्तों पर जमा हो जाता है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बनी रहती है। इस संबंध में जीडीए के कर्मचारियों को कई बार बताया जा चुका है, लेकिन कोई सफाई करने को तैयार नहीं है। गंदगी और बदबू के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। अब यह पता नहीं चल पा रहा है कि सात कर्मचारियों पर 28 लाख रुपये कैसे खर्च किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों की परिचर्चा
कॉलोनी में करीब 2200 फ्लैट हैं, लेकिन सफाई के लिए कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त नहीं है। कई जगह नालियां ओवरफ्लो हैं और कूड़ा जमा रहता है। समय पर वेतन नहीं मिलने की वजह से कर्मचारी समय पर भी नहीं आते हैं।- कुलदीप कसाना, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष
शिकायत के बावजूद सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। लोगों को नियमित सफाई का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन जनता अधिकारियों से शिकायत करती रहती है। ठेकेदार भी कॉलोनी में कोई काम करने को तैयार नहीं है।- किशन रावत, स्थानीय निवासी
-वर्जन-
कॉलोनी में साफ-सफाई समय पर होती है। कुछ गलियों में गंदगी होने की शिकायत मिली है। टीम को भेजकर जल्द से जल्द गलियों की कराई जाएगी।- राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जीडीए।