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Ghaziabad News: वकीलों की हड़ताल के बीच आठ दिन में निपटे 2,756 केस

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गाजियाबाद। वकीलों की हड़ताल के बावजूद अदालतों में दो से दस दिसंबर के बीच आठ दिन के भीतर 2,756 केस निपट गए। इस दौरान 370 नए मुकदमे दाखिल भी हो गए। खास बात यह है कि वकीलों की गैर मौजूदगी में लोगों ने अपने केस की पैरवी खुद की। इन केस में वाहनों के चालान से लेकर आपराधिक मुकदमे तक शामिल हैं।
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इस तरह वकीलों की गैर हाजिरी में केस निपटने के बारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुमार मिताक्षर ने बताया कि किसी भी मामले में वादकारी स्वयं अपना पक्ष रख सकते हैं। अगर वादकारी को लगता है कि वह अपना पक्ष नहीं रख सकता है तो उसे वकील की मदद की आवश्यकता होती है।



आठ दिन में निस्तारित हुए अधिकांश मामलों में वादकारियों ने स्वयं अपना पक्ष रखा है। जिन मामलों में अधिवक्ता नहीं होते हैं, उनमें प्राधिकरण की ओर से डिफेंस काउंसिल को पैरवी के लिए नियुक्त किया जाता है। जमानत प्रार्थना पत्रों की बात करें तो सबसे ज्यादा निस्तारण जिला जज की कोर्ट में हुआ है। इनकी संख्या 21 है।
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मंगलवार को अदालतों में 548 वाद निस्तारित हुए, जबकि 104 लोगों ने न्यायालय में वाद दाखिल किया। निस्तारित मामलों में 96 जमानत प्रार्थना पत्र थे। 333 अपराध से संबंधित मामले, 18 सत्र परीक्षण, चार चालान, 16 ड्रग से संबंधित वाद (एनआईए एक्ट), पांच सिविल वाद, दो पारिवारिक मामले और 18 सिविल मामले थे। 21 मामलों में बयान दर्ज किए गए। 20 फौजदारी मामलों में अभियुक्त के विरुद्ध आरोप तय किए गए।







आठ दिन में निस्तारित केसों

जमानत अर्जी - 387

आपराधिक मामले - 545

चालान - 420

गवाहों के बयान - 128

आरोप तय - 83

सिविल वाद - 40

सत्र परीक्षण - 44



दाखिल किए गए मामले



जमानत अर्जी - 250

आपराधिक केस - 72

वैवाहिक केस - 11



नवंबर में सिर्फ तारीख लगी

चार से पांच हजार केसों में हो रही थी सुनवाई सामान्य दिनों में अधिवक्ताओं के अदालत में उपस्थित होकर पैरवी करने के दौरान चार से पांच हजार केसों में सुनवाई हो रही थी, जबकि पांच सौ से छह सौ मामलों का निस्तारण हो रहा था। 21 से 28 अक्तूबर के बीच 3570 केसों का निस्तारण हुआ था। 29 अक्तूबर को अदालत में लाठीचार्ज के बाद वकीलों ने अदालतों में जाना बंद कर दिया। नवंबर महीने में किसी वादकारी को भी अदालत में उपस्थित नहीं होने दिया था। इस कारण से मुकदमों में सिर्फ तारीख लग रही थी।



लोक अदालत में 1.70 लाख



केस के निस्तारण का लक्ष्य

गाजियाबाद। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने प्रशासनिक व न्यायालय के पीठासीन अधिकारियों के साथ बैठक की। बताया गया कि लगभग 1.70 लाख केसों के निस्तारण का लक्ष्य राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हो सकता है।

मंगलवार को बैठक में विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुमार मिताक्षर ने बताया कि 14दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जनपद न्यायाधीश ने अधिक से अधिक प्रचार प्रसार का निर्देश दिया। लोक अदालत के लिए चिंहित वादों के विवरण का अवलोकन किया। जिला प्रशासन ने अभी तक लगभग 1,70,800 वादों को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चयनित किया है।
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