साहिबाबाद। औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 में दो इलेक्ट्रॉनिक और जनऔषधि दवाइयों के गोदाम में शाॅर्ट सर्किट से लगी आग पर 27 दमकल की गाड़ियों ने 17 घंटे में काबू पाया। शनिवार शाम चार बजे लगी आग रविवार सुबह सात बजे बुझाई जा सकी। सबसे ज्यादा दिक्कत दो मंजिला गोदाम के मलबे के अंदर लगी आग को बुझाने में हुई। गोदामों की इमारत कमजोर होने से सभी को अंदर जाने से रोक दिया है। इनके मालिकों को पीडब्ल्यूडी या इंजीनियरों से एनओसी लेने के लिए कहा गया। जेसीबी से मलबा हटाने का काम दमकलकर्मियों ने शुरू किया। वहीं, तीनों गोदामों के संचालकों के अनुसार आग से करीब 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि सनटेक विजन लिमिटेड में एलईडी, वॉशिंग मशीन, होम थियेटर में आग लगने पर दो फायर टैंकर के साथ टीम पहुंची थी। अग्निशमनकर्मी गोदाम में टिन शेड और छत पर खड़े होकर आग बुझा रहे थे कि अचानक टिन शेड नीचे गिर गई। उसके साथ दो मंजिला गोदाम भी भरभराकर नीचे गिर गया। इस दौरान राहत कार्य में जुटे 15-20 लोग मलबे में दबने से बच गए। आग तेजी से फैलने पर पांच टैंकर और एक एंबुलेंस कोतवाली घंटाघर, चार फायर टैंकर वैशाली स्टेशन, मोदीनगर से दो, लोनी दो टैंकर, एक टैंकर टाटा स्टील कंपनी, तीन टैंकर हापुड़, तीन टैंकर मेरठ, एक नोएडा और तीन बुलंदशहर से मंगाए गए। अन्य कंपनियों से मिलाकर 27 गाड़ियों के साथ आग पर काबू पाने का काम शुरू हुआ जो सुबह सात बजे तक चला। इसके बाद सनटेक लिमिटेड में मलबे के नीचे बेसमेंट में आग दहक रही थी। उसे चार फायर टैंकर से बुझाई गई।
पांच फैक्टरियों में आग फैलने से रोका
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि तीन गोदाम के अलावा पास की चार-पांच फैक्टरियों तक पहुंच जाती लेकिन कर्मियों ने एसआरसी इम्पेक्स कंपनी की दीवार तोड़कर आग बुझाने का काम शुरू किया। उसके बाद दूसरी टीम ने जीपीवीडीएस फार्माडिस प्राइवेट लिमिटेड में दीवार तोड़कर काम शुरू किया। गनीमत रही कि टीम ने चारों तरफ से आग पर काम किया जिससे वह फैल नहीं पाई। रविवार सुबह 10 बजे जेसीबी और डंपर बुलाकर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
गोदाम मालिक लेंगे अभियंताओं से एनओसी
आग की लपटों से सनटेक के अलावा बाकी दो गोदाम की इमारत काफी कमजोर हो गई है। उनके पिलर और दीवारों में जगह-जगह दरारें आ गईं हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने तीनों गोदाम मालिकों को जल्द से जल्द माल हटाकर इनका लोक निर्माण विभाग या इंजीनियरों से ऑडिट कराकर एनओसी लेने के लिए कहा है। उधर, दवाइयों के गोदाम मैनेजर सिद्धार्थ का कहना है कि माल निकालकर उसे दोबारा बनाया जाएगा।
गोदाम में नहीं थे आग बुझान के संसाधान
सीएफओ राहुल का कहना है कि तीनों गोदाम में आग बुझान के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। अब तीनों के मालिकों को फायर टैंकर और राहत कार्य का भुगतान करने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। आग लगने का कारण शाॅर्ट सर्किट माना जा रहा है।