दो दृष्टिहीन बैंक अधिकारियों को बनाया पीठासीन अधिकारी
गाजियाबाद। चुनाव ड्यूटी की लिस्ट आने के बाद कलक्ट्रेट में ड्यूटी कटवाने वालों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। विकास भवन में अभी तक लगभग 2000 से अधिक आवेदन आ गए हैं। आवेदन आने वालों में सिर्फ उन्हें के नाम काटे जा रहे हैं, जिनका ट्रांसफर हो गया है या फिर रिटायर हो गए हैं। इसके अलावा दिव्यांगों के नाम काटे जा रहे हैं।
मंगलवार को दो दृष्टिहीन बैंककर्मियों जिनकी पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी लग गई थी, वह आवेदन करने आए थे। उनका नाम काट दिया गया है। इसके अलावा कई ऐसे सदस्य थे, जिन्होंने अपने तय तिथि के बदले दूसरे दिन ट्रेनिंग ली थी, वह अपने पेपर जमा कराने के लिए भटक रहे थे।
चिकित्सकों की चुनावी ड्यूटी हटाने की मांग की
एमएमजी और महिला अस्पताल के सभी चिकित्सकों की इस बार ड्यूटी लग गई थी, जिसमें दोनों अस्पतालों के सीएमएस भी शामिल रहे थे। हालांकि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार चिकित्सकों की चुनावी ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है। स्थानीय स्तर पर सरकारी अस्पतालों के कुछ चिकित्सकों की ड्यूटी काटी गई है, लेकिन कुछ चिकित्सकों की ड्यूटी अभी भी नहीं कट पाई थी। इसको लेकर लखनऊ चुनाव आयोग में चिकित्सक गए थे और मुख्य निर्वाचन अधिकारी वेंकटेश्वर लू से मुलाकात की। वहां से आश्वासन दिया गया है कि सभी चिकित्सकों की चुनावी ड्यूटी हटा दी जाएगी। चिकित्सक संघ की अध्यक्ष दीपा त्यागी ने बताया कि उन्होंने सीडीओ से मुलाकात की थी और उन्होंने मेडिको लीगल, इमरजेंसी ड्यूटी के चिकित्सकों की ड्यूटी हटाने की मांग की थी।