हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर का निर्माण करेगा सीपीडब्ल्यूडी
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। हापुड़ चुंगी पर बनने वाले फ्लाईओवर का निर्माण अब केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) करेगा। इस बाबत जीडीए की ओर से सीपीडब्ल्यूडी को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव मिलने के बाद सीपीडब्ल्यूडी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की ओर से फ्लाईओवर निर्माण के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया है। सर्वे के बाद हापुड़ चुंगी पर छह लेन के प्रस्तावित फ्लाईओवर के लिए सीपीडब्ल्यूडी द्वारा डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
डीपीआर पर मंथन व शासन से अप्रूवल के बाद फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होगा। इससे पहले जीडीए की ओर से एक एजेंसी के जरिए हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य कराया जाना था। इसके लिए जीडीए ने डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दी थी। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद अप्रैल-मई से निर्माण कार्य शुरू किया जाना था। पहले की डीपीआर में फ्लाईओवर 940 मीटर लंबा होने के साथ एएलटी से कविनगर थाने के बाद कविनगर-शास्त्रीनगर चौराहे तक निर्माण किया जाना था। जीडीए वीसी रितु माहेश्वरी के आदेश पर फ्लाईओवर का निर्माण का जिम्मा अब सीपीडब्ल्यूडी को दिया गया है।
दो साल में पूरा होगा निर्माण, जाम से मिलेगी मुक्ति
हापुड़ चुंगी गाजियाबाद का नया जाम प्वाइंट बन गया है। फ्लाईओवर बनने से रोजाना जाम में फंसने वाले लोगों को जाम से निजात मिल जाएगी। फ्लाईओवर के निर्माण के लिए दो साल की समयसीमा निर्धारित की गई है। हापुड़ चुंगी पर बनने वाला फ्लाईओवर छह लाइन का होगा। एनएच-58 से एनएच-24 या फिर कविनगर व शास्त्रीनगर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
फ्लाईओवर के निर्माण पर 65 करोड़ आएगा खर्च
जीडीए की ओर से सीपीडब्ल्यूडी को हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर का प्रस्ताव सौंपने से पहले निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की गई थी। उसी के मुताबिक फ्लाईओवर के निर्माण पर करीब 65 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। छह लेन के फ्लाईओवर की लंबाई पहले 940 मीटर थी। फ्लाईओवर एएलटी से शुरू होकर शास्त्रीनगर-कविनगर चौराहे तक बनेगा। इससे अब एनएच-58 की ओर से आने वाले वाहन बगैर किसी रुकावट के डायमंड पहुंच सकेंगे।
सिंगल पिलर पर हो सकता है फ्लाईओवर निर्माण
विभागीय सूत्रों के अनुसार हापुड़ चुंगी पर सिंगल पिलर पर फ्लाईओवर बनने की संभावना जताई जा रही है। जिससे फ्लाईओवर के नीचे यातायात किसी प्रकार से प्रभावित न हो। सीपीडब्ल्यूडी की ओर से डीपीआर फाइनल करने के बाद इस पर छाया संशय हट सकेगा।