राफेल जेट विमानों और एस-400 मिसाइल से बढ़ेगी ताकत : बीएस धनोआ
हिंडन (गाजियाबाद)। वायु सेना भविष्य में आने वाली हर चुनौती से मुकाबला करने के लिए हमेशा तैयार है। एयरफोर्स आधुनिकीकरण के साथ-साथ अपने लड़ाकू विमानों को अपग्रेड कर रही है। 36 राफेल विमानों और एस-400 मिसाइल सिस्टम के आने से एयरफोर्स की ताकत में और बढ़ोतरी होगी। ये बातें सोमवार को 86वें वायुसेना दिवस पर हिंडन एयरफोर्स स्टेशन में वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कहीं।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि वर्तमान और भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए एयरफोर्स कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हम अपने सभी पुराने एयरक्राफ्ट और डिफेंस सिस्टम का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। जगुआर, मिराज 2000 और मिग-29 का अपग्रेडेशन चल रहा है। इंडियन एयरफोर्स जल्द ही 36 राफेल विमानों को अपने बेडे़ में शामिल करेगी। साथ ही, एस-400 मिसाइल सिस्टम, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और चिनूक मालवाहक हेलीकॉप्टर के आने से भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तेजस, स्पाइडर सरफेस एयर मिसाइल, मीडियम सरफेस एयर मिसाइल वायुसेना की आधुनिकीकरण का ही हिस्सा है। हम नए कॉम्बैट सिस्टम को लाने जा रहे हैं। वायुसेना कर्मियों का दायित्व है कि अपने कॉम्बैट सिस्टम, ऑपरेशन को दुरुस्त रखें, ताकि हर परिस्थिति में चुनौतियों का तत्काल सामना कर सकें।
बीएचईल, बीईल और डीआरडीओ निभा रही अहम भूमिका
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि वायुसेना के आधुनिकीकरण में भारतीय एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड और डीआरडीओ के साथ मिलकर लगातार स्वदेशी विमान, रडार और मिसाइल सिस्टम का निर्माण किया जा रहा है। इनकी मदद से ही एयरफोर्स अपने विमानों को अपग्रेड कर और शक्तिशाली कर रही है। इसके अलावा एरो स्पेस सुरक्षा की ओर भी लगातार ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ देश की सुरक्षा के मुद्दों पर, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में भी वायुसेना का योगदान लगातार बढ़ता जा रहा है।