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सीडीपीओ को डांटना पीसीएस अधिकारी को पड़ सकता है भारी-Cordination

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सीडीपीओ को डांटना पीसीएस अधिकारी को पड़ेगा भारी
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- मानवाधिकार आयोग का आदेश, आठ सप्ताह के भीतर अधिकारी पर करें कार्रवाई
- पिछले सितंबर में समाधान दिवस में पीसीएस अधिकारी ने लगाई थी सीडीपीओ की फटकार
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान पीसीएस अधिकारी द्वारा बाल कल्याण विकास अधिकारी (सीडीपीओ) को डांटने के मामले में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने संबंध में अधिकारी के खिलाफ आठ सप्ताह में कार्रवाई सुनिश्चित कर रिपोर्ट देने को कहा है।
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मामला 19 सितंबर 2017 का है, जब एडीएम की अध्यक्षता में तहसील गाजियाबाद का समाधान दिवस आयोजित किया गया था। समाधान दिवस में आंगनबाड़ी कर्मचारी द्वारा बीएलओ ड्यूटी न उठाए जाने की वजह से तत्कालीन एडीएम वित्त ने सीडीपीओ ऊषा रानी को फटकारा लगाई थी। उन्होंने सीडीपीओ को लापरवाही करने और अपने स्तर से आंगनबाड़ी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर डांट लगाई थी। सीडीपीओ ने इस मुद्दे को अपने सम्मान से जोड़ते हुए एडीएम को बिना माइक के बात करने को कहा। समाधान दिवस में एडीएम और सीडीपीओ के बीच तीखी बहस हुई। अमर उजाला ने 20 सितंबर के अंक में प्रमुखता से छापा था। घटना से आहत सीडीपीओ ऊषा रानी ने मामले की शिकायत उसी दिन मानवाधिकार आयोग में की थी। अब इस मामले का संज्ञान में लेते हुए आयोग ने शासन को निर्देश दिया है कि वो आठ सप्ताह में संबंधित पीसीएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर जानकारी मुहैया कराए। गौरतलब है कि सीडीपीओ जून में सेवानिवृत्त होने जा रही हैं।
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