मनचले के डर से बिटिया ने छोड़ी पढ़ाई
एक ओर केंद्र सरकार बेटियों को समाज में समानता का दर्जा दिलाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत रैलियां निकालकर लोगों को कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों को पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है वहीं एक मनचला सरकार की मंशा को पलीता लगा रहा है। मनचले की दबंगई के चलते भयभीत छात्रा पढ़ाई छोड़कर घर में कैद होने को मजबूर है।
थाना क्षेत्र के गांव निवासी युवती इंटरमीडिएट पास करने के बाद गांव से रोज आठ कि.मी. की दूरी तय करके दिल्ली पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए वैर स्थित कोचिंग सेंटर पर पढ़ाई करने के लिए आती थी। साथ में ही छात्रा बीए प्राइवेट की पढ़ाई भी कर रही थी।
कुछ दिन पूर्व साथी छात्र रिंकू के छेड़छाड़ करने पर छात्रा ने उसे थप्पड़ मार दिया था। रिंकू ने छात्रा से बदला लेने के लिए 26 जून को अपने साथियों के साथ मिलकर छात्रा के साथ मारपीट कर दी थी। छात्रा को बचाने के लिए आए उसके चाचा के लड़के को भी मारपीट कर घायल कर दिया था।
आरोप है कि हमलावरों ने छात्रा के कपड़े तक फाड़ डाले थे। पुलिस ने छात्रा के पिता की तहरीर पर रिंकू, यतेंद्र व अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने यतेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि मुख्य आरोपी रिंकू अभी भी फरार है।
बताया गया कि मुख्य आरोपी फैसले के लिए पीड़ित परिवार पर दबाव बना रहा है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से छात्रा का परिवार दहशत में है। दहशत के चलते छात्रा ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी है।
एसओ मनोज कुमार ने बताया कि आरोपी यतेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।