छह महीने में 1.25 लाख लोगों से वसूला ढाई करोड़ जुर्माना
गाजियाबाद। शहर की बेतरतीब ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नियम-कानून हैं और पुलिस की सख्ती भी। मगर, अफसोस शहर के लोग आदत से मजबूर हैं। ट्रैफिक नियम तोड़कर मोटा जुर्माना भरना तो मंजूर है, लेकिन यातायात नियमों का पालन करना नहीं। यह हम नहीं बल्कि पिछले छह माह में काटे गए चालान और वसूले गए जुर्माने के आंकड़े बता रहे हैं। सुनकर हैरानी होगी, लेकिन हकीकत यही है। छह माह में 1.25 लाख लोग यातायात नियमों का उल्लंघन कर अपनी जेब से ढाई करोड़ रुपये दे चुके हैं।
शहर में लोग मनचाहे तरीके से वाहन दौड़ा रहे हैं, जिस कारण हर समय जाम जैसे हालात बने रहते हैं। वर्तमान में जिले की आबादी 35 लाख है और परिवहन विभाग में करीब 10 लाख वाहन पंजीकृत हैं। वाहनों की संख्या के आगे ट्रैफिक पुलिस भी जाम खुलवाने में नाकाम साबित होती है। घंटों लोग जाम में फंसे रहते हैं। कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि 10 मिनट का रास्ता दो घंटे में तय हो पाता है। ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अधिकारियों ने कई प्रशिक्षण कार्यक्रम किए, लेकिन हर बार नतीजा सिफर निकलता है।
- ये हैं जाम के मुख्य प्वाइंट
शहर में जाम की सबसे ज्यादा खराब स्थिति एनएच-9 पर एबीईएस कट, लाल कुंआ, छिजारसी, सीआरपीएफ, काला पत्थर, खोड़ा, यूपी गेट, डासना, मसूरी की है। इसके अलावा दिल्ली मेरठ रोड पर मेरठ तिराहा, घूकना मोड़, राजनगर एक्सटेंशन चौराहा, मुरादनगर गंगनहर, चौपला मंदिर मोदीनगर पर काफी जाम रहता है। हापुड़ रोड पर ठाकुरद्वारा, हापुड़ चुंगी, डासना प्लाईओवर, पुराना बस अड्डा, अंबेडकर रोड, जीटी रोड, इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा में रेडलाइट के पास जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां पर ट्रैफिक पुलिस को सबसे ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।
- यह भी जानें वाहन चालक
सड़क पर गाड़ी चलाते समय नियमों का पालन न करना वाहन चालकों के लिए और भारी पड़ेगा। शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए तो आपको 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा, जो 2 हजार रुपये था। लाल बत्ती तोड़ने पर 1 हजार रुपये, सीट बेल्ट न लगाने पर 1 हजार और बिना लाइसेंस वाहन चलाते पकड़े गए तो 5 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा।
वर्जन.........
बाजारों में पार्किंग की व्यवस्था होने से ही जाम की समस्या से निजात मिलेगी। सड़कों पर वाहन खड़े करने पर चालान किए जाते हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। भारी शमनशुल्क भी वसूला गया है।
एसएन सिंह, एसपी ट्रैफिक
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