सीएम के वादे नहीं हुए पूरे, प्रदर्शन की तैयारी
गाजियाबाद। सीएम आगमन पर विरोध में प्रदर्शन को लेकर एलआईयू और पुलिस टेंशन में है। किसानों के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन की तैयारी है तो फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर सीएम के आश्वासन के बाद भी अभिभावकों को राहत नहीं मिली। दोनों मामलों में गाजियाबाद दौरे के दौरान सीएम ने आश्वासन दिया था। शुक्रवार को जब सीएम एलिवेटेड रोड के उद्घाटन नई योजनाओं की सौगात दे रहे होंगे तो पुराने वादे पूरे न होने पर कहीं न कहीं मुंह चिढ़ा रहे होंगे।
फीस रेगुलेटरी बिल
पब्लिक स्कूलों की तरफ से मनचाही बेतहाशा फीस वृद्धि को लेकर अभिभावक लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। बीते साल 31 अगस्त को कवि नगर राम लीला मैदान में आयोजित सीएम योगी की सभा में ऑल इंडिया पैरेंट्स एसोसिएशन समेत अभिभावकों ने खासा हंगामा किया था। उनकी मांग थी कि प्रदेश सरकार बेतहाशा फीस वृद्धि को रोकने के लिए फीस रेगुलेटरी बिल लाए। उस वक्त सीएम योगी ने भरोसा दिया था कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही पब्लिक स्कूलों की फीस वृद्धि कानूनी दायरे में आएगी। इसके बाद सरकार ने कमेटी का गठन किया, जिसने बिल तैयार कर आपत्ति भी मांगी लेकिन बिल को लेकर अभिभावकों की तरफ से कड़ी आपत्तियां दर्ज कराई गई। आरोप लगे कि बिल पब्लिक स्कूलों के पक्ष में तैयार किया गया। इसके बाद सरकार फीस के मुद्दे पर चुप्पी साध कर बैठ गई। अब अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो रहा और पब्लिक स्कूल फीस बढ़ा रहे हैं, जिसको लेकर अभिभावकों में रोष है। दिल्ली तक पैदल मार्च निकालने की तैयारी हो रही है। ऐसी स्थिति में योगी की सभा तक फीस का मुद्दा गूंज सकता है। ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष शिवानी जैन का कहना है कि सभी अभिभावक एकत्र होकर सीएम से मिलेंगी। क्योंकि यह वादाखिलाफी है।
किसानों के जमीन अधिग्रहण का मुद्दा
लोनी के मंडोला, सीपीडब्ल्यूडी से लेकर मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना से जुड़े किसान मुआवजे की मांग को लेकर लंबे समय से धरना दे रहे हैं। 30 अगस्त 2017 को किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार की अगवाई में मुख्यमंत्री से मिला था, जिस पर उन्होंने किसानों को भरोसा दिया था कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कोई रास्ता निकालेगी। इसके बाद शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई, लेकिन सरकार व कमेटी मंडोला किसानों का मुद्दा अभी तक सुलझाने में असफल रही है। उधर, मधुबन-बापूधाम व सीपीडब्ल्यूडी से जुड़े किसानों का मुद्दा भी नहीं सुलझा है। ऐसे में भाकियू समेत अन्य किसान संगठन शुक्रवार को सीएम से मिलने की तैयारी में हैं।
रातों रात हो गई सड़कों की मरम्मत
सीएम के खौफ में रातों रात कविनगर रामलीला मैदान के आसपास की सड़कों को बनाकर चमका दिया, लेकिन गाजियाबाद की बाकी टूटी सड़कों की किसी को परवाह नहीं है। सीएम को राजनगर एक्सटेंशन से हापुड़ चुंगी और हापुड़ चुंगी से कलक्ट्रेट फ्लाईओवर होकर कविनगर के रामलीला मैदान में होने वाली जनसभा में पहुंचना है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और जीडीए ने मिलकर टूटी सड़कों को बनाकर चकाचक कर दिया है।