गाजियाबाद। लाॅकडाउन के समय नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार इमरान को अदालत ने स्वापक औषधि एवं मनप्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत एक वर्ष सात माह कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि वह जेल में पांच साल से बंद है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सुनवाई के दौरान 27 नवंबर काे अभियुक्त ने अदालत से कहा कि अपना जुर्म स्वीकार करता है, गरीब आदमी है। उसकी पैरोकारी करने वाला कोई नहीं है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि 19 जून 2020 को खोड़ा थाने में तैनात उपनिरीक्षक सचिन कुमार ने लॉकडाउन के समय इतवार बाजार पुस्ता पर चेकिंग कर रहे थे। इसी समय एनएच-24 की तरफ से एक व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस को देखकर अचानक वह भागने लगा लगा। पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर युवक को पकड़ लिया और भागने का कारण पूछा तो उसने बताया कि उसके पास नशीला पदार्थ है।