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सॉलिड लिक्विड व वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने को मिली मंजूरी

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सॉलिड लिक्विड व वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने को मिली मंजूरी
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बुलंदशहर। गंगा नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के गंगा किनारे स्थित गांवों में बनाए जाने वाले सॉलिड लिक्विड एंड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगान के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। प्लांट बनने के इन सभी गांवों का ठोस और तरल अपशिष्ट का निस्तारण होगा।
जनपद में गंगा किनारे 32 गांव हैं, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत इन सभी गांवों को काफी समय पहले खुले में शौच मुक्त किया जा चुका है। इन गांवों का कूड़ा-कचरा गंगा नदी तक न पहुंचे, इसके लिए पिछले काफी समय से प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए इन सभी गांवों में सॉलिड लिक्विड एंड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने का निर्णय लिया गया था। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के निदेशक ने पिछले दिनों संबंधित विभाग से गंगा किनारे वाले गांवों में प्लांट लगाने के लिए डीपीआर मांगी थी। विभागीय अफसरों ने डीपीआर बनाकर भेज दी थी। अब सभी गांवों में सॉलिड लिक्विड एंड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने को शासन से हरी झंडी मिल चुकी है। अफसरों के अनुसार पहले ही गांव में प्लांट लगाने के लिए जमीन चिन्हित हो चुकी है। अब शासन ने प्लांट लगाने का अंतिम निर्णय ले लिया है। जल्द ही प्लांट बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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नमामि गंगे के तहत गंगा को निर्मल करने की पहल
- गंगा नदी को नमामि गंगे के तहत अवरिल व निर्मल करने की पहल जारी है। इसी उद्देश्य से जिले के गांवों में सॉलिड एंड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं। इन सभी गांवों का ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्लांट में एकत्रित किया जाएगा। जहां उसका निस्तारण होगा। वहीं गांव के ठोस व तरल अपशिष्ट से खाद भी बनाया जाएगा। यह खाद गांव के किसानों को ही उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके प्रयोग से जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
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कोट
गंगा को अविरल व निर्मल बनाने के लिए 32 गांवों में सॉलिड लिक्विड एंड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने को शासन ने हरी झंडी दे दी है। इसका निर्माण आगामी आदेश मिलने पर शुरू हो जाएगा। इस सुविधा के चलते गंगा में इन गांवों का ठोस एवं तरह अपशिष्ट गंगा नदी में पहुंच पहुंच पाएगा। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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