गाजियाबाद। जीडीए की पांच योजनाओं में 1742 फ्लैट खाली पड़े हैं। अब इन फ्लैटों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पूर्व फ्रिज मूल्य पर ही बेचने का फैसला लिया गया है। यानी बिना बिके फ्लैटों की कीमत 31 मार्च 2025 तक नहीं बढ़ेगी। सोमवार को इस प्रस्ताव को भी बोर्ड से स्वीकृति मिल गई।
जीडीए ने विभिन्न योजनाओं के तहत अलग-अलग श्रेणी के भवनों का निर्माण किया है। इनका विक्रय नहीं हो पाने के कारण पूर्व में मधुबन बापूधाम आवासीय योजना के बहुमंजिला भवनों के 549 फ्लैट, वैशाली योजना के 11 ईडब्ल्यूएस फ्लैट, मंदाकनी अपार्टमेंट में नौ एमआईजी फ्लैट और अलकनंदा अपार्टमेंट में सात फ्लैट के अलावा कौशांबी योजना के गंगोत्री टावर में 88 फ्लैटों को शासनादेश पर अलोकप्रिय घोषित कर पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर विक्रय करने का प्रस्ताव पांच अक्तूबर 2015 और 25 जून 2019 की बोर्ड बैठक में रखा गया था, जिसे स्वीकृति मिल गई थी। इसके बाद प्राधिकरण के परिसर में ही कैंप लगाए गए। जिसमें ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के फ्लैटों को विक्रय किया गया। जीडीए की कोयल एंक्लेव, इंद्रप्रस्थ योजना, चंद्रशिला अपार्टमेंट और संजयपुरी मोदीनगर योजना के ईडब्ल्यूएस भवनों के लिए कई बार योजना प्रकाशित करने के बाद भी खरीदारों ने रुचि नहीं दिखाई। फिलहाल पांच योजनाओं में फ्लैट रिक्त हैं। इसमें मुख्य रूप से मधुबन बापूधाम योजना, इंद्रप्रस्थ योजना, चंद्रशिला योजना और मोदीनगर के संजयपुरी योजना शामिल है। यहां 3 बीएचके से लेकर 2 बीएचके, मिनी एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस के भवन शामिल हैं।
-कहां कितने हैं फ्लैट-
योजना - फ्लैट
मधुबन बापूधाम - 663
कोयल एंक्लेव - 617
इंद्रप्रस्थ योजना - 389
चंद्रशिला योजना - 28
संजयपुरी योजना - 51