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Ghaziabad News: हरनंदीपुरम के नाम से 541 हेक्टेयर जमीन पर बसेगा नया गाजियाबाद

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गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर में आशियाने की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आठ गांवों की 541 हेक्टेयर जमीन पर हरनंदीपुरम के नाम से नया गाजियाबाद बसाया जाएगा। सोमवार को मेरठ में मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे की अध्यक्षता में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 165वीं बोर्ड में इस योजना को हरी झंडी मिल गई। इसके अलावा 26 अन्य प्रस्ताव बोर्ड से मंजूर हो गए। नए शहर के लिए आपसी सहमति के आधार पर ग्रामीणों से जमीन ली जाएगी।
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नए शहर का नाम हरनंदीपुरम रखने के पीछे जीडीए अधिकारियों ने तर्क दिया कि हिंडन नदी प्राधिकरण क्षेत्र से होकर गुजरती है। नदी की पहचान कायम रखने के लिए हरनंदीपुरम नाम रखा गया है। प्राधिकरण के अधिसूचित एवं विकास क्षेत्र में अनाधिकृत कॉलोनियां विकसित होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। प्राधिकरण की सुनियोजित विकास योजनाओं में भूखंड की उपलब्धता से अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगेगा। प्राधिकरण के विकसित क्षेत्र में बहुखंडीय आवासीय यूनिटों के बढ़ते चलन से स्पष्ट होता है कि प्राधिकरण क्षेत्र में छोटे-बड़े आवासीय भूखंडों की काफी मांग है। जानकारी जुटाने पर पता चला कि एनसीआर क्षेत्र में मुख्य रूप से यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र और निजी योजनाओं में ही भूखंड उपलब्ध हैं। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में जिन आवासीय भूखंडों का आवंटन लॉटरी के जरिये हुआ है, उनमें दस गुना से अधिक आवेदन हुए हैं।
परिवहन के लिहाज से देखा जाए तो रैपिड रेल नेटवर्क का दिल्ली से होकर गुरुग्राम, दूसरी तरफ मेरठ तक और तीसरा नोएडा, ग्रेटर नोएडा होकर जेवर एयरपोर्ट से हरियाणा तक विस्तार हो रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर लोग निवास के लिए स्थल का चयन करेंगे। ऐसे में जीडीए की रेल नेटवर्क के नजदीक आवासीय योजना सफल होने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रख उत्तर दिशा में पाइपलाइन रोड, पूर्व दिशा में नॉर्दन पेरिफेरल रोड, पश्चिम दिशा में हिंडन नदी और दक्षिण दिशा में ग्राम मोरटी से नॉर्दन पेरिफेरल को जोड़ने वाली 45 मीटर सड़क के मध्य हरनंदीपुरम बसाने की योजना है। इसके लिए मथुरापुर, नंगला फिरोज मोहनपुर, शमशेर, चंपतनगर, भनैड़ा खुर्द, शहपुर मोरटा, मोरटा, भोवापुर गांव की कुल 541.65 हेक्टेयर जमीन ग्रामीणों से आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाएगी। भूमि दर निर्धारण के लिए समिति का गठन करने की मंजूरी बोर्ड ने दे दी है।
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