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45 फीसदी लोगों ने ही निभाई अपनी जिम्मेदारी
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गाजियाबाद। संविधान दिवस के मौके पर रविवार को निकाय चुनाव के दूसरे चरण में गाजियाबाद समेत यूपी के 25 जिलों में मतदान हुआ। संभावना थी कि लोकतंत्र के इस पर्व पर बंपर वोटिंग होगी और पुराने सभी रिकार्ड टूटेंगे लेकिन पूरे दिन की कवायद के बाद औसत वोटिंग ही हुई। वोटर लिस्ट से नाम कटने की तमाम शिकायतों और मामूली झड़प के बीच जिले की नौ निकायों में महज 45.38 फीसदी मतदान हुआ, जो वर्ष 2012 में हुए निकाय चुनाव की 59.33 फीसदी वोटिंग के मुकाबले 13.95 प्रतिशत कम रहा। नगर निगम गाजियाबाद में भी पिछली बार के मुकाबले 3.21 प्रतिशत कम मतदान हुआ। मतदान के साथ ही रविवार को 2197 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम व मत पेटियों में कैद हो गई है।
नगर निगम के 80 वार्डों के लिए वर्ष 2012 में 43.33 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था, वहीं इस बार 100 वार्डों के लिए हुए चुनाव में महज 40.12 फीसदी वोटिंग हुई, जो नौ निकायों में सबसे कम रहा है। साफ है कि जिले की सभी निकायों में 54.62 मतदाता ‘पप्पू’ साबित हुए हैं। कुल 21 लाख 62 हजार 88 मतदाताओं में से महज नौ लाख 78 हजार 9 सौ 55 लोगों ने वोट डाले। इसमें भी शहरी क्षेत्र के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र की निकायों में ज्यादा वोटिंग हुई है। जिले की चार नगर पालिकाओं में सबसे अधिक मुरादनगर में 68.34 वोट पड़े। उसके बाद मोदीनगर 59.85, खोड़ा 52.21 और लोनी में सिर्फ 49.53 फीसदी वोटिंग हुई है। नगर पंचायतों में पतला 75.34 फीसदी के साथ पहले नंबर पर रही है जबकि निवाड़ी 74.96, फरीदनगर 69.78 और डासना में महज 59.37 फीसदी के वोटिंग हुई।
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नगर निगम में 247 मतदान केंद्र पर1186 मतदेय स्थल बनाए गए थे, जिन पर मेयर पद के 13 व पार्षद पद के लिए मैदान में रहे 808 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हुई है क्योंकि सिर्फ नगर निगम में ईवीएम पर वोटिंग हुई। वहीं, बाकी शेष आठ निकायों में बैलेट पेपर पर वोट पड़े। उधर, वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के आरोप में नंदग्राम, घूकना, विजय नगर, साहिबाबाद समेत आदि स्थानों पर लोगों ने हंगामा किया। इसी बीच ईवीएम में गड़बड़ी व बैटरी डाउन होने के चलते काफी केंद्रों पर घंटों तक मतदान प्रभावित रहा जबकि कुछ केंद्रों पर देर रात तक मतदान होता रहा। पांच बजे से पहले लाइन में खड़े हो जाने के कारण डासना के वार्ड नंबर 1 में रोहन इंक्लेव स्थित मतदान केंद्र पर सबसे अंत तक करीब सात बजे तक वोटिंग हुई।
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