कांवड़ मार्ग को लेकर आखिरकार प्रदेश सरकार ने खजाने का मुंह खोल दिया है। इस मार्ग को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने 165 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। इसी माह कार्य शुरू किए जाने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में पुरकाजी से लेकर मुरादनगर तक तीन जिलों से होकर गुजरने वाला चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग 108 किमी लंबा है। यह गंगनहर के किनारे-किनारे गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर से होकर गुजरता है।
कांवड़ यात्रा के दिनों में इस मार्ग की सार्थकता सबसे ज्यादा बढ़ जाती है। कांवड़ियों को इसी मार्ग से होकर गुजारने की कवायद की जाती है। अहम बात यह है कि हरिद्वार जाने के लिए यह मार्ग बेहतरीन बाईपास भी साबित होता है।
मार्ग पर हैं गहरे गड्ढे: इस मार्ग की जर्जर हालत ने इसकी सार्थकता झुठला दी है। पूरी पटरी पर गहरे गड्ढे हैं। गाजियाबाद से भी लगातार इसे बनाने की मांग उठती रही है। केवल कांवड़ यात्रा में इस पर बस पैचवर्क कर दिया जाता है। अब शासन ने इस मांग को लेकर गंभीरता दिखाई है। बजट मंजूर करते हुए पीडब्लूडी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मई माह में ही इस पर काम करो। यह मार्ग सात मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। साथ ही गंगनहर के किनारे पर पटरी का भी प्रस्ताव है।
कैबिनेट मंत्री ने दिया था भरोसा: करीब एक साल पहले गांव पतला में एक सगाई समारोह में पहुंचे यूपी के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के सामने भी स्थानीय लोगों ने कांवड़ मार्ग को दुरुस्त किए जाने का मुद्दा उठाया था। लोगों का कहना था कि कांवड़ मार्ग को चौड़ा करके हाईवे-58 पर आए दिन होने वाली जाम की समस्या को खत्म किया जा सकता है। शिवपाल यादव ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि जल्द ही कांवड़ मार्ग को दुरुस्त किया जाएगा। बता दें कि मोदीनगर में अमर उजाला ने कांवड़ मार्ग की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
अब भोला रोड की बारी
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर रालोद कई बार आवाज उठा चुका है। रालोद के पश्चिमी उप्र संगठन महासचिव डॉ. राजकुमार सांगवान के मुताबिक संगठन कांवड़ मार्ग और भोला रोड के लिए पदयात्रा भी निकाल चुका है। कांवड़ यात्रा पर बजट अवमुक्त होने से एक लड़ाई पूरी हो गई। अब भोला रोड की बारी है।
कांवड़ मार्ग के लिए सरकार ने 165 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए हैं। मई माह में ही इस मार्ग पर काम शुरू कर दिया जाएगा।- रामौतार सिंह, अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी