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अर्थला में फिर होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, नोटिस जारी करेगा निगम

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अर्थला में फिर होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, नोटिस जारी करेगा निगम

गाजियाबाद। अर्थला झील की जमीन खाली कराने को नगर निगम और जिला प्रशासन फिर से कार्रवाई करेगा। जल्द ही नगर निगम झील की जमीन पर मकान बनाकर काबिज लोगों को नोटिस जारी करेगा। उन्हें मकान खाली करने की मोहलत दी जाएगी। निर्धारित अवधि के बाद झील की जमीन से मकान और अन्य पक्के निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे। ऐसे में लोगों पर फिर से आशियाना छिनने की तलवार लटक गई है।
एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश पर नगर निगम के संपत्ति विभाग ने अर्थला झील की जमीन पर बने मकानों को चिह्नित कर लिया था। 29 मई को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में अवैध रूप से बने 18 मकान तोड़े गए थे। इसके बाद विरोध के चलते नगर निगम ने अभियान रोक दिया था। अब एनजीटी ने डीएम रितु माहेश्वरी को तलब किया है। उन्हें खुद उपस्थित होकर एनजीटी के समक्ष कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करनी होगी। ऐसे में अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। नगर निगम के संपत्ति अधिकारी आरएन पांडेय का कहना है कि अर्थला झील पर बने मकानों में रह रहे लोगों को जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें मकान खाली करने के लिए करीब एक सप्ताह की मोहलत दी जाएगी। इसके बाद नगर निगम झील की जमीन पर बने पक्के निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। डीएम को अब 10 जुलाई को एनजीटी के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी है।
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अतिरिक्त फोर्स लेकर उतरेंगे अफसर
नगर निगम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए इस बार अतिरिक्त पुलिस बल की डिमांड की है। हालांकि अभी ध्वस्तीकरण की तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन नोटिस जारी करने के दौरान यह तारीख भी तय कर दी जाएगी। इसी के आधार पर अर्थला झील की जमीन पर बनी बस्ती में रह रहे लोगों को मोहलत दी जाएगी। लोगों के विरोध की आशंका के चलते अतिरिक्त पुलिस लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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129 लोगों पर पहले भी कराई गई एफआईआर, कार्रवाई शून्य
करीब चार साल पूर्व हाईकोर्ट ने भी अर्थला झील की जमीन खाली कराने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने उन अफसरों के नाम भी मांगे थे जिनके कार्यकाल में झील की जमीन पर पक्के निर्माण किए गए हैं। कोर्ट केआदेश से नगर निगम में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में नगर निगम ने बालाजी विहार समेत कई अन्य मामलों में 129 लोगों के खिलाफ सरकारी जमीन कब्जाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। इन एफआईआर में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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