भू-उपयोग के चलते अटका कई पीएम आवास प्रोजेक्ट का निर्माण
गाजियाबाद। केंद्र सरकार के 2022 तक सबको घर देेने के वायदे को पूरा करने में प्रदेश सरकार की ओर से भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) संबंधी रुकावट बनी हुई है। शासन की ओर से अकेले जीडीए के 12354 और निजी बिल्डरों के 7669 पीएम आवास की डीपीआर को स्वीकृति मिल चुकी है। लेकिन विभिन्न प्रोजेक्ट में भू-उपयोग परिवर्तन को शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है। प्राधिकरण की ओर से मसूरी 1440 पीएम आवास का निर्माण होना है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। लेकिन लैंड यूज परिवर्तन न होने के कारण टेंडर होने के बावजूद अब तक वर्क आर्डर जारी नहीं हुआ है।
दूसरी ओर 432 पीएम आवास का निर्माण होना है। इस प्रोजेक्ट के वर्क आर्डर नहीं हो पाए हैं। गाजियाबाद में जीडीए को 2022 तक 36 हजार पीएम आवास के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। पहले चरण में प्राधिकरण ने 19 हजार पीएम आवास के निर्माण के लिए डीपीआर को तैयार कर उन्हें स्वीकृति दिला दी है। लेकिन कई प्रोजेक्ट में लैंड यूज में एलएमसी से आवासीय और कृषि से आवासीय होना प्रस्तावित है। वर्तमान में महानगर में जीडीए की ओर से केवल मधुबन बापूधाम योजना में 856 पीएम आवास के निर्माण का काम तेज गति से किया जा रहा है।
मधुबन बापूधाम में बाकी दो प्रोजेक्ट में सर्वाधिक भवनों का निर्माण होना है। इनमें एक प्रोजेक्ट में 2160 व अन्य में 660 भवनों की डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी है। मसूरी व डासना के अलावा निवाड़ी में 528, प्रताप विहार योजना में 1910 और कोयल एंक्लेव योजना में 1800 पीएम आवास का निर्माण होना है। रेरा में प्रोजेक्ट को पंजीकृत कराने के लिए पहले लैंड यूज में परिवर्तन होना अनिवार्य है। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि लैंड यूज में परिवर्तन न होने के कारण पीएम आवास के कुछ प्रोजेक्ट में वर्क आर्डर नहीं हो पाए हैं।
13 प्राइवेट बिल्डर्स बनाएंगे 7669 पीएम आवास
पीएम आवास योजना में प्राइवेट बिल्डर्स की ओर से 7669 पीएम आवास का निर्माण किया जाना है। राजनगर एक्सटेंशन में एससीसी बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड के 252 ईडब्ल्यूएस सहित दो प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। दूसरी ओर सिग्नेचर ग्लोबल डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का 873 ईडब्ल्यूएस, जय अंबे एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड का 147 ईडब्ल्यूएस, मैसर्स अराध्यम बिल्डर्स के 251 ईडब्ल्यूएस, मैसर्स यूरेका बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के 290 ईडब्ल्यूएस, मैसर्स एटीएस ग्रैंड रियलटर्स के 765 ईडब्ल्यूएस और मैसर्स अजनारा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 318 ईडब्ल्यूएस सहित अन्य बिल्डरों के प्रोजेक्ट की डीपीआर को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।
भवन का बढ़ेगा एरिया, लागत में होगा इजाफा
पीएम आवास में ईडब्ल्यूएस फ्लैट का कारपेट एरिया वर्तमान में 22.77 स्क्वायर मीटर है, जिसे 29.4 स्क्वायर मीटर करने की तैयारी है। वहीं, पीएम आवास के निर्माण की बढ़ती लागत के साथ एरिया बढ़ाए जाने के चलते अब नए प्रोजेक्ट में लागत 4.50 लाख की जगह 6.50 लाख करने की तैयारी है। जिन 11883 पीएम आवास की डीपीआर स्वीकृत हो चुकी है। उन भवनों के दाम नहीं बढ़ेंगे।