शासन के आदेश के बाद भी मूल पदों पर नहीं भेजे गए निगम कर्मी
गाजियाबाद। शासन के आदेश के बाद भी नगर निगम के 80 से ज्यादा कर्मचारी मूल पदों से ऊंचे पदों पर काम कर रहे हैं। निगम अधिकारियों ने कर्मचारियों को मूल पदों पर नहीं भेजा है। हालांकि पूर्व नगरायुक्त ने शासन के इस आदेश का हवाला देते हुए कार्मिक विभाग को पत्र भेजकर कर्मचारियों को मूल पदों पर भेजने को कहा था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद यह पत्र भी फाइलों में दब गया।
नगर निगम के एक पार्षद ने शासन से इसकी शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि नगर निगम में सफाई कर्मचारी अपने मूल पद को छोड़कर सुपरवाइजर का काम कर रहे हैं, पंप ऑपरेटर बाबू बन गए हैं और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को टैक्स विभाग में कर निरीक्षक द्वितीय बना दिया गया है। निर्माण विभाग के गैंगमैन भी उच्च पदों पर काम कर रहे हैं। यही नहीं, नगर निगम में कर अधीक्षक को जोनल अधिकारी बना दिया गया है, जबकि इस पद पर सहायक नगर आयुक्त से नीचे के अधिकारी को तैनात नहीं किया जा सकता है। फरवरी 2019 में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने आदेश जारी कर कर्मचारियों सेे मूल पदों से उच्च पदों पर काम न लेने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी निगम में 80 से ज्यादा कर्मचारियों को मूल पदों पर नहीं भेजा गया है। नगर आयुक्त दिनेश चंद्र का कहना है कि शासनादेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उच्च पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों की लिस्ट बनवाई जाएगी।