-डेल्टा कालोनी, शालीमार गार्डन, वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम में खुली दुकानें - व्यापारियों ने दुकानों का समय बढ़ाने की भी प्रशासन से की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। दो महीने के लॉकडाउन के बाद हिंडन पार के क्षेत्रों में बुधवार को ऑड-ईवन नियम के तहत दुकानें खोलने के लिए व्यापारियों में सुबह तक जबर्दस्त उत्साह दिखा। लेकिन शाम तक चिलचिलाती धूप से बढ़ती तपन में ग्राहक कम आने से व्यापारियों में मायूसी छा गई। हालांकि, लोगों ने प्रशासन के नियमों का पूरा ख्याल रखा। अधिकांश दुकानों पर ग्राहकों को अंदर आने से पहले उन्हें सैनिटाइज कराया गया। कोरोना वायरस के फैलते प्रकोप के बीच बुधवार को वैशाली, वसुंधरा, डेल्टा कालोनी, शहीद नगर, जवाहर पार्क, शालीमार गार्डन, राजीव कालोनी, अर्थला, मोहन नगर, इंदिरापुरम, कौशांबी समेत अन्य इलाकों में व्यापारियों ने दुकानें खोलीं। सुबह-सुबह जब दुकानदार दुकानें खोलने वहां पहुंचे तो सबसे पहले उन्हें दुकानों के आगे सफाई कर सैनिटाइजेशन किया। इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोलों पर फिर से पेंट कराया।
बॉर्डर सील होने से भी नहीं पहुंचे व्यापारी ः इंदिरापुरम के व्यापारी किशोर ठाकुर ने बताया कि इलाके में सिर्फ जरूरी समान की दुकानें खुली। जबकि बॉर्डर सील होने की वजह से दिल्ली में रहने वाले व्यापारी इंदिरापुरम में दुकान खोलने नहीं पहुंच सके। ऐसे में उन व्यापारियों में निराशा बढ़ रही है। प्रशासन से भी उन व्यापारियों का पास बनाकर आने-जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। वहीं, मिठाई की दुकानों पर लोगों की ज्यादा भीड़ देखी गई। हालांकि, वहां पर लोग सोशल डिस्टेसिंग में खड़े थे। लेकिन काफी देर तक लाइन लगातार चलने से दुकानदार भी खुश नजर आए।
परिचर्चा ः -
ग्राहकों के इंतजार में सुबह से शाम हो गई। लेकिन जिस तरह लोग पहले सामान खरीदने आते थे। वो कहीं नजर नहीं आए। लॉकडाउन में पहले से ही काम बंद था। अब ग्राहकों की कमी से भी जूझना पड़ेगा। परिवार का यह संकट कैसे दूर होगा। इसकी चिंता बढ़ने लगी है। सुरेश चंद्र, प्लास्टिक के समान के विक्रेता
- कपड़े की दुकान खोलने के लिए जब आदेश आया था। तो उससे थोड़ी राहत महसूस की थी। लेकिन अब ग्राहकों के ना आने से एक परेशानी और बढ़ गई है। सोशल डिस्टेंसिंग समेत सभी नियम बनाए हुए हैं। प्रशासन को दुकानें खोलने के लिए समय बढ़ाना होगा। तभी दुकानदारों को राहत मिल सकेगी। राजू गुप्ता, टेलर और कपड़े की दुकान के मालिक
-ऐसा लग रहा है कि लॉकडाउन में लोगों ने कुछ खरीदना ही बंद कर दिया है। सुबह से शाम के बीच एक-दो ही सामान बेचे हैं। ऐसे में परिवार कैसे चलेगा। गर्मी भी इतनी है कि लोग दोपहर में बाहर नहीं निकलना चाहते हैं। दुकान खोलने के लिए समय बढ़ाने की बेहद जरूरत है। मुज्बिर रहमान-इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान -------------------------- सुमित कुमार