साहिबाबाद के जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाली अनुष्का कौशिक ने ब्रेन सर्जरी के बाद भी सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने 82.2 अंक आसिल किए हैं।
उनकी शिक्षिका नीलम ने बताया कि अनुष्का की सर्जरी के कारण उसके प्री-बोर्ड में भी अच्छे नंबर नहीं आ सके। उनका ट्रीटमेंट चल रहा था। डॉक्टरों ने उसे स्ट्रेस लेने से भी मना किया था।
इसके बावजूद अनुष्का ने सीबीएसई बारहवीं कक्षा में इतने अच्छे अंक हासिल किए हैं। अनुष्का की मां दिल्ली के प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं। वहीं पिता मॉल में मैनेजर हैं।
शारीरिक अक्षमता के बावजूद हासिल किए 95 प्रतिशत अंक
साहिबाबाद के वसुंधरा स्थित वनस्थली स्कूल में पढ़ने वाले संभव जैन ने अपनी शारीरिक अक्षमता को दरकिनार करते हुए 95 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। संभव को जन्म से ही सेरीब्रल पल्सी बीमारी है। शुभम की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता और शिक्षक बेहद खुश हैं।
शुभम एक अंतरराष्ट्रीय इतिहासकार बनना चाहते हैं। शुभम अपने परिवार के साथ वसुंधरा के ही सेक्टर-5 में रहते हैं । शुभम के पिता विवेक जैन कम्प्यूटर हार्डवेयर की दुकान करते हैं, जबकि माता इंदु जैन उन्हीं के स्कूल में शिक्षिका है। शुभम ने बताया कि बीमारी के चलते ही उन्हें बचपन से समाज के बीच अलग होने का एहसास रहा है।
प्रीबोर्ड की परीक्षा में कम अंक आने पर उन्हें कुछ लोगों ने हतोत्साहित भी किया था लेकिन उन्होंने सबको दरकिनार कर अपने हौसलों की आवाज से सबके मुंह बंद कर दिए। सेरेब्रल पल्सी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें दिमाग और अन्य शारीरिक अंगों के बीच समन्वय और नियंत्रण काफी हद तक प्रभावित हो जाता है।