गनमैन, गार्ड के पकड़े जाने पर हत्या का राज
मुरादनगर। दुहाई के एचआरआईटी कैंपस स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में रविवार को हुई बस चालक की हत्या की गुत्थी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सुलझ पाएगी। बागपत के गांव डौला निवासी प्रवीन और हत्यारोपियों में क्या संबंध था, पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस फरार हुए गनमैन और गार्ड की तलाश कर रही है।
स्कूल के अन्य स्टाफ से पूछताछ पर पुलिस आशंका जता रही है कि तीनों के बीच खाने-पीने के दौरान कहासुनी हुई होगी। इसी कहासुनी और विवाद के कारण गोली मारकर हत्या कर दी गई। सीओ सदर प्रभात कुमार ने मौके पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी मनीष कुमार से पूछताछ की। हालांकि स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी भी गनमैन और सिक्योरिकी गार्ड के बारे में पूरी जानकारी नहीं दे पाए। वहीं, पुलिस अब बंदूक को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। पुलिस की तीन टीम आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दे रही है।
सीसीटीवी नहीं है स्कूल के गेट पर
प्रशासन ने जहां कालेज में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए है। वहीं राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल के दिल्ली पब्लिक स्कूल के गेट पर एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है। स्कूल के अंदर कमरे लगे हैं। सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो हत्यारोपियों की तस्वीरें उसमें कैद हो जाती। कैमरे न होने की वजह से बाहरी लोगों के आने-जाने की जानकारी स्कूल प्रबंधन को भी नहीं मिल पाती।
अनसुलझे सवाल
स्कूल के गेट पर क्यों नहीं लगाए सीसीटीवी कैमरे।
बंदूक व मोबाइल मौके पर छोड़ क्यों भागे हत्यारोपी।
क्या गनमैन-गार्ड का जानकार था मृतक।
किसने दी पुलिस को वारदात की सूचना।