मछलियों की मौत पर गंगा विचार मंच ने जताई नाराजगी
फैक्ट्रियों के जहरीले पानी से पूठ गंगा में हजारों मछलियों की मौत होने पर गंगा विचार मंच के लोगों में रोष है। वेस्टर्न यूपी के सह संयोजक ने मौके पर जाकर गंगा में गिर रहे दूषित पानी पर कड़ी नाराजगी जताई है।
बुंलदशहर के स्याना के दूध प्लांटों समेत क्षेत्र की कई फैक्ट्रियों का लाखों लीटर जहरीला पानी वैकल्पिक नालों के माध्यम से पूठ गंगा में गिर रहा है।
इसके दुष्प्रभाव से शुक्रवार सुबह हजारों मछलियों की मौत हो गई थी। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध में प्रदर्शन कर मछलियों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के साथ ही गंगा में गिर रहे फैक्ट्रियों के जहरीले पानी पर रोक लगाने की मांग की थी।
इस मामले को लेकर सामाजिक संगठन गंगा विचार मंच के वेस्टर्न यूपी के सह संयोजक अशोक शर्मा और जिला संयोजक प्रदीप भाटी शनिवार सुबह पूठ पहुंच गए।
उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीणों की मौजूदगी में मरीं मछलियों के साथ ही वैकल्पिक नालों के माध्यम से गंगा में गिर रहे फैक्ट्रियों के जहरीले पानी को भी देखा। अशोक शर्मा ने आरोप लगाया कि जिला और स्थानीय प्रशासन मोदी और योगी सरकार की मंशा को पलीता लगा रहे हैं।
क्योंकि नमामि गंगा जैसे कई अभियान चलने के बाद भी गंगा में गिर रहे दूषित नालों पर रोक न लगाया जाना दुर्भाग्य का विषय है। तारा केवट, महेश केवट, बुद्घ प्रकाश सैनी, राजू, कालीचरण, बाबू, उमा भगत, जगपाल, दीपा, नानक, अमर, बलबीर ने गंगा में गिर रहे दूषित पानी से मछलियों की मौत होने पर कड़ी नाराजगी जताई है।
एनजीटी में दायर की जाएगी याचिका
फैक्ट्रियों के दूषित पानी पर रोक न लगने पर केंद्री मंत्री उमा भारती से शिकायत करने के साथ ही एनजीटी में जनहित याचिका भी दायर की जाएगी।
गंगा विचार मंच के वेस्टर्न यूपी के सह संयोजक अशोक शर्मा और जिला संयोजक प्रदीप भाटी ने बताया कि गंगा में गिर रहे फैक्ट्रियों के दूषित नालों पर रोक न लगने की शिकायत केंद्रीय मंत्री उमा भारती से करने के साथ ही नेशन ग्रीन ट्रिब्यूनल में जनहित याचिका भी दायर की जाएगी।
जरूरत पड़ी तो क्षेत्रीय लोगों को जागरुक कर नालों पर रोक लगाने का अभियान भी चलाया जाएगा।