फीस मामले में प्रशासन के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने से नाराज अभिभावक अब आंदोलन और बड़ा करने की तैयारी में जुट गए हैं। इससे पूर्व वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन का अंतिम फैसला जानने के लिए बृहस्पतिवार को एडीएम फाइनेंस से मिले।
उन्होंने एडीएम से स्पष्ट कहा कि यदि जांच रिपोर्ट उनके हित में नहीं होगी तो वह 14 मई से जिला मुख्यालय पर बेमियादी भूख हड़ताल करेंगे। ज्ञात हो कि जांच रिपोर्ट जारी करने से पूर्व जिला प्रशासन ने पत्रकार वार्ता कर पब्लिक स्कूलों पर अंतिम फैसला शासन की ओर से देने की बात कही है।
बृहस्पतिवार को अभिभावक सुबह करीब पौने दस बजे ही जिला मुख्यालय पर पहुंच गए। अभिभावकों ने एडीएम फाइनेंस से जांच रिपोर्ट के बारे में पूछा। अभिभावकों के पूछे जाने पर एडीएम ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि फैसला उनके हित में लिया जाएगा।
इस दौरान अभिभावकों ने एडीएम से लिखित में अपील की है कि जब तक शासन या प्रशासन स्तर पर कोई फैसला नहीं हो जाता है, तब तक अभिभावकों को बढ़ी हुई फीस जमा करने से छूट दी जाए। अभिभावकों ने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वह लोग मजबूरन 14 मई से जिला मुख्यालय पर बेमियादी भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
राजनीतिक पार्टियां भी समर्थन देने को तैयार
स्कूल फीस मामले में अब कई राजनीतिक पार्टी भी अभिभावकों के आंदोलन को सफल बनाने में अपना समर्थन देने की इच्छा जाहिर कर चुकी है। अभिभावकों का कहना है कि राजनीतिक पार्टियों ने इस आंदोलन में उनका साथ देने की बात कही है।
फिलहाल वह लोग किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन नहीं ले रहे हैं। सीमा त्यागी ने बताया कि अभिभावकों की इस लड़ाई का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते हैं। वह लोग अपने दम पर ही मसले का हल चाहती हैं।
यदि ऐसा नहीं हुआ तो मजबूरन राजनीतिक पार्टियों का भी समर्थन लेना होगा। बता दें कि इससे पूर्व निगम पार्षद ने भी अभिभावकों का समर्थन करते हुए सीएम को स्पीड पोस्ट किया है।
77 पेज की रिपोर्ट में स्कूलों की कई खामियां
गाजियाबाद। डीएम. को सौंपी जांच रिपोर्ट में एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार ने निजी स्कूलों की कई खामियों को उजागर किया है। 77 पेज की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर स्कूल सीबीएसई की गाइड लाइन का उल्लंघन कर रहे हैं। प्रशासन की कई एनओसी का भी पालन नहीं किया जा रहा है।
एडीएम फाइनेंस ने करीब 17 प्वाइंट पर निजी स्कूलों पर खामियां उजागर करते हुए निजी स्कूलों पर कार्रवाई की संस्तुति की है। डीएम मिनिस्ती एस. का कहना है कि इस रिपोर्ट को शासन को भेजा जाएगा।