डीएम भले ही शहर में ट्रैफिक जाम से परेशान हो, लेकिन ट्रैफिक सिग्नल ही खराब हैं तो जाम से निजात मिलना फिलहाल मुश्किल है। डीएम की सख्ती के बाद नगर निगम अधिकारियों ने शहर में घूमकर ट्रैफिक लाइट्स का हाल जाना। 42 प्वाइंट पर लगे सिग्नल में 14 तिराहों-चौराहों की ट्रैफिक लाइटें खराब मिली।
यानी इन 14 तिराहों-चौराहों पर ट्रैफिक ‘राम भरोसे’ है। निगम ने यह लिस्ट हाल ही में डीएम को भेजी है।नगर निगम ने बीओटी पैटर्न (बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर) पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का कांट्रेक्ट प्राइवेट फर्मों को दिया हुआ है। इन का संचालन करना फर्मों की जिम्मेदारी है, इसकी एवज में उन्हें इन पर विज्ञापन लगाकर खर्च निकालने की इजाजत दी गई है।
इन फर्मों ने विज्ञापन से कमाई तो की, लेकिन ट्रैफिक सिग्नल के संचालन में दिलचस्पी नहीं दिखाई। ट्रैफिक सिग्नल खराब होने की वजह से शहर में अक्सर जाम रहता है। तिराहों-चौराहों पर मैनुअल ट्रैफिक चलाने में पुलिसकर्मियों को भी मशक्कत करनी पड़ रही है।
यहां खराब हैं ट्रैफिक सिग्नल
घंटाघर चौक जीटी रोड, विजयनगर थाना चौक, एनएच-24 पर प्रताप विहार क्रासिंग, एनएच-24 पर राठी रोड क्रासिंग, प्रहलाद गढ़ी, मोहननगर चौराहा, नंदग्राम टी प्वाइंट, मुकुंद लाल इंटर कालेज चौराहा, बीईएल टी प्वाइंट थाना लिंक रोड, करहेड़ा मोड़, आराधना सिनेमा टी प्वाइंट, साइट-4 पुलिस चौकी सौर ऊर्जा मार्ग, शास्त्री नगर तिराहा हापुड़ रोड, रेलवे स्टेशन कट
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अधिकारी बोले
कुछ स्थानों पर मेट्रो और ट्रैफिक पुलिस द्वारा कट बंद कर दिए जाने की वजह से ट्रैफिक लाइटें बंद हैं। अन्य जहां भी लाइटें बंद मिली उनसे संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर तत्काल उन्हें चालू कराने के लिए कहा गया है। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने वाली फर्मों पर कार्रवाई की जाएगी। - अरुण कुमार गुप्त, उप नगर आयुक्त