गाजियाबाद। बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, सोनीपत, फरीदाबाद, पलवल से होकर गुजरने वाली ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट (ईओआरसी) की बुधवार को जीडीए सभागार में प्रस्तुति दी गई। हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कार्पोरेशन के अधिकारियों ने कॉरिडोर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रोजेक्ट के कार्य की क्षमता और सफलता के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत किया।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कॉरिडोर के निर्माण में नोडल एजेंसी है। कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 135 किलोमीटर होगी। जिससे दिल्ली रेल नेटवर्क पर दबाव से राहत मिलेगी। इसके अलावा न्यू नोएडा इंडस्ट्रीयल टाउनशिप, कृषि उत्पादन केंद्र बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर को बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी। एनसीआर को भी रेल कॉरिडोर के माध्यम से सुविधाएं प्राप्त होंगी। इसके अलावा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी रेल लाइन नेटवर्क प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर के निर्माण से एनसीआर समेत देश में इण्डस्ट्रियल सेक्टर, आयात, निर्यात, मैन्युफैक्चरिंग आदि को कम लागत पर उद्यम स्थापित करने में बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि प्रस्तुतीकरण के दौरान गूगल अर्थ को केंद्रित करते हुए दो वैकल्पिक मार्गों को प्रस्तुत किया गया। साथ ही उन लाइनों की तुलनात्मक विवरण पर भी चर्चा की गई। मार्गों में आने वाली आबादी, मार्ग, रेल क्रॉसिंग एवं अधिग्रहण आदि चुनौतियों पर भी विचार विर्मश किया गया। इस दौरान जीडीए उपाध्यक्ष ने दोनों मार्गों के अध्यन के लिए जीडीए सचिव व अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया। ब्यूरो