शहर में 38 प्वाइंटों पर लगे 133 सीसीटीवी कैमरों को फिर चालू करने की प्लानिंग हो रही है। इसके लिए एसपी कंट्रोल रूम ने डीएम और एसएसपी से बात की है। सहमति बनने पर इन्हें चालू कराने में आरडब्ल्यूए और अन्य संगठनों की भी मदद ली जा सकती है।
दरअसल, भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हुए हमले में पुलिस को हमलावरों तक पहुंचने में सीसीटीवी से काफी मदद मिली है। रेकी करने वाले राम की स्कूटी और बाइक सीसीटीवी फुटेज से ही पता चला था।
फुटेज में राम का चेहरा भी नजर आया था, जिससे पुलिस उस तक पहुंची थी। लिहाजा पुलिस अफसर चाहते हैं कि पिछले करीब दो साल से ठप पड़े सीसीटीवी कैमरों को फिर से चालू करा दिया जाए। एसपी कंट्रोल रूम अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों को चालू कराने की कवायद चल रही है।
इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत हो रही है। बता दें कि 2010 में 133 सीसी टीवी कैमरे लगाए गए थे। इनमें 88 फिक्सड और 45 पीटीजेड़ (घूमने वाले) कैमरे हैं। ये कंट्रोल रूम से अटैच थे। इनके मेंटेनेंस की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दी गई थी, मगर 2014 से मेंटेनेंस कांट्रेक्ट रिन्यू नहीं किया गया, जिस कारण सीसीटीवी कैमरे ठप हैं।
इन स्थानों पर लगे हैं सीसी टीवी कैमरे
एएलटी कट, घूकना मोड़, मेरठ टी-प्वाइंट, करहेड़ा, मोहननगर क्रासिंग, वसुंधरा क्रासिंग, बीकानेर कट, वैशाली, महाराजपुर बॉर्डर, यूपीगेट, इंदिरापुरम टी-प्वाइंट, सीआईएसएफ टी-प्वाइंट, विजयनगर टी-प्वाइंट, लालकुआं क्रासिंग, पुराना बस अड्डा, लोनी बॉर्डर, चौधरी मोड़, हापुड़ चुंगी, डासना तिराहा आदि 38 प्वाइंट पर लगे हैं।
शासन की प्लानिंग हैं 500 सीसीटीवी कैमरे लगवाने की
सिटी सर्विलांस सिस्टम केतहत शासन शहर में 500 सीसीटीवी कैमरे लगवाने की कवायद कर रहा है। इसके लिए जगह की चिन्हीकरण का काम चल रहा है। इनमें से अधिकांश स्थान वही हैं, जहां से पहले कैमरे लगे हैं। प्लानिंग है कि जब सिटी सर्विलांस के तहत कैमरे लगाए जाएं तो उनमें पहले से लगे कैमरों को भी शामिल किया जा सकता है।