प्राइमरी स्कूलों में बनेगी लाइब्रेरी, लगेगा पीरियड
गाजियाबाद। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों में पढ़ने-लिखने की आदत डालने के लिए अब स्कूलों में लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इसके लिए शासन स्तर से बजट भी जारी किया गया है। लाइब्रेरी के लिए जिले के100 स्कूलों को चिन्हित किया जाएगा। लाइब्रेरी का 45 मिनट का पीरियड भी लगेगा।
बीएसए विनय कुमार ने बताया कि 50 प्राइमरी और 50 अपर प्राइमरी विद्यालयों को चयनित किया जाएगा। स्कूलों में 5-5 हजार रुपये की अलमारी और किताबें खरीदी जाएंगी। किताबों एनसीईआरटी की होंगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों के सिलेबस से जुड़ी कुछ अतिरिक्त किताबें होंगी, जिससे विद्यार्थियों को अपना पाठ्यक्रम समझने में आसानी होगी। भारत के महान पुुरुषों की जीवनियां और उनके द्वारा रचित किताबों को भी रखने की योजना है। पूर्व में स्कूलों में आई एनबीटी की किताबों और लाइब्रेरी योजना ठप हो जाने के सवाल पर बीएसए ने कहा कि उस वर्ष छात्रों की गुणवत्ता के कहीं अधिक बड़े सिलेबस की किताबें आ गई थी। जिसे समझना मुश्किल था। यही वजह रही कि योजना परवान नहीं चढ़ सकी। इस बार एनसीईआरटी और सिलेबस से जुड़ी किताबें होंगी।
45 मिनट का होगा पीरियड
मार्च तक स्कूलों में लाइब्रेरी शुरू हो जाएगी। इसके बाद जिन स्कूलों में लाइब्रेरी है, वहां लाइब्रेरी का पीरियड बनाया जाएगा। यह 45 मिनट का होगा। इस दौरान बच्चे स्कूल ग्राउंड या फिर अपने क्लास में भी लाइब्रेरी की किताबें पढ़ेंगे। शिक्षक उन किताबों से जुड़े सवाल जवाब पूछेंगे।
2011 में आया था बजट
2011 में जूनियर हाईस्कूल के लिए 8-8 हजार का बजट लाइब्रेरी के नाम पर आया था। इसके तहत कहा गया था कि इन किताबों से नेशनल बुक ट्रस्ट की किताबें विद्यार्थियों के लिए रखी जाएंगी। बजट आने के बाद कुछ स्कूलों में किताबें आई भी। बाद में बताया गया कि एनबीटी से ही किताबें स्कूलों को नहीं भेजी गई। योजना ठप हो गई।