फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब वीडियो और फोटो खोलेंगे उपद्रवियों का राज

विज्ञापन
विज्ञापन
अब वीडियो और फोटो खोलेंगे उपद्रवियों का राज
विज्ञापन

- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उपद्रव के वीडियो और फोटो
- दंगाईयों को चिन्हित करने में जुटी जिला पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। देशभर में बंद के आह्वान पर दलित संगठनों सेे जुड़े लोगों के द्वारा जनपदभर में कोहराम मचाने वाले लोगों की पहचान अब उनके द्वारा बनाई गई वीडियो व फोटो ही कराएंगे। पुलिस ने वीडियो व फोटो में नजर आने वाले लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करनी भी शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस सख्त से सख्त कार्रवाई करने के मूड में नजर आ रही है।
सोमवार को जनपदभर में दलित संगठनों से जुड़े उपद्रवियों ने बंद के नाम पर जमकर उत्पात मचाया था। जिले भर में जगह-जगह तोड़फोड़ की गई थी। खुर्जा से लेकर बुलंदशहर तक नेशनल हाईवे पर उत्पात मचाया गया। भूड़ चौराहे पर चौकी के सामने बसों, कारों में तोड़ फोड़ की गई। रोड पर जाम लगा दिया गया। इस दौरान उपद्रव में शामिल कई लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया था। वहीं अब पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो व फोटो का संज्ञान लेकर इनकी जांच में जुट गई है। पुलिस की मानें तो वीडियो में उपद्रव करते नजर आ रहे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। उनके नाम व पते खंगाले जा रहे हैं। साथ ही उनके खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लेने की तैयारी में पुलिस नजर आ रही है।
विज्ञापन

वीडियो बनाने वाले पर भी होगी कार्रवाई
- उपद्रव में शामिल कुछ लोगों के द्वारा उपद्रव के दौरान की वीडियो बनाईं गईं और फिर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर सरकार विरोधी कमेंट और नारेबाजी लिखकर पोस्ट अपडेट की गईं हैं। पुलिस अब वीडियो बनाने वालों व पोस्ट करने वालों के खिलाफ भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश का मामला दर्ज करेगी।

दंगा भड़काने वालों की तलाश तेज, अंडरग्राउंड हुए लोग
बुलंदशहर। जनपद भर में सोमवार को बंद के नाम पर दलित संगठनों की आड़ में उपद्रवियों द्वारा मचाए गए उत्पात के पीछे जिन लोगों की भूमिका रही है, पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। कई लोग उपद्रव के बाद अंडरग्राउंड हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो यह सब कुछ पूर्व नियोजित था। पुलिस पिछले दिनों का रिकार्ड खंगालने में जुट गई है। अगर पुलिस समय रहते चेत जाती तो जनपद में हुए उपद्रव को रोका जा सकता था।
सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के फैसले के बाद एक जुट हुए दलित संगठनों ने सोमवार को जिलेभर में जबरन दुकानें बंद करा दीं। रोड जाम किए और पुलिस, व्यापारी व आमजन के साथ मारपीट की गई। हालांकि पुलिस ने मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर लोगों को जेल भी भेज दिया है। अब सवाल उठता है कि इतना बड़ा उपद्रव मचा और पुलिस पूर्वानुमान लगाने में विफल कैसे हुई? सूत्रों की मानें तो पुलिस अब दलित संगठनों से जुड़े कुछ उपद्रवी लोगों का पिछला रिकार्ड और उनकी पिछले कुछ दिनों की हरकतों को तलाशने में जुट गई है। पुलिस के सख्त रवैये के चलते उपद्रव मचाने वाले कई लोग अंडरग्राउंड नजर आ रहे हैं। खानपुर के जाड़ौल में पुलिस के साथ हुई अभद्रता, मारपीट मामले में व अंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने के मामले की हकीकत भी जानने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बता दें कि ग्रामीणों ने खानपुर पुलिस पर अंबेडकर प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन

कोट
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो व फोटो की जांच की जा रही है। वीडियो में नजर आ रहे उपद्रवियों की भी तलाश की जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर उपद्रव की फोटो-वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा दंगा भड़काने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
- मुनीराज जी, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें