प्रधानमंत्री आवासीय योजना में विभिन्न प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम जीडीए ने तेज कर दिया है। पीएम आवास योजना के तहत जीडीए ने जनपद में 26.473 हेक्टेयर जमीन पर 21,500 हजार मकान बनाने का खाका तैयार कर लिया है। विभिन्न प्रोजेक्ट की डीपीआर को तैयार कर 10 सितंबर को शासन को भेजी जाएगी। शासन की हरी झंडी मिलते ही पीएम आवास के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
सबसे पहले जीडीए की ओर से मधुबन बापूधाम में 856 पीएम आवास का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके फार्म विभिन्न बैंक शाखाओं से 20 सितंबर तक प्राप्त किए जा सकते हैं। वहीं, अन्य प्रोजेक्ट की डीपीआर शासन की ओर से 10 सितंबर तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण की ओर से जमीन की तलाश करने के साथ जहां जमीन मिल गई है, वहां की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोट तैयार कराई जा रही है। प्राधिकरण को जिला प्रशासन, नगर निगम के साथ ग्राम समाज की जमीन हासिल हुई है। अब तक 26.473 हेक्टेयर जमीन को चिन्हित किया जा चुका है। वहीं, इन जमीनों पर बनने वाले 21,500 भवनों की डीपीआर का काम तेजी से जारी है।
ग्राम समाज की जमीन पर ही बनेंगे चार मंजिला भवन
शासन से जीडीए को भले ही पीएम आवास योजना में बहुमंजिला भवन बनाने की इजाजत मिल गई हो, लेकिन ग्राम समाज की जमीन पर बनने वाले सभी आवास चार मंजिला होंगे। अधिकांश ग्राम समाज की जमीन देहात क्षेत्र में आने के चलते यह नियम बनाया गया है। जीडीए के साथ निजी विकासकर्ता दो सालों में 21500 भवनों का निर्माण करेंगे। इनमें प्राधिकरण की जमीन पर 4718, ग्राम समाज की भूमि पर 3810 और निजी विकासकर्ता 12972 भवन बनाएंगे।
इन योजनाओं में होगा पीएम आवास का निर्माण
जीडीए की ओर से पीएम आवास का निर्माण मधुबन बापूधाम, मसूरी, निवाड़ी, प्रताप विहार, कोयल एंक्लेव, नूरनगर, डासना, अकबरपुर-बहरामपुर, मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी क्षेत्र में बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इनमें से केवल मधुबन बापूधाम में पीएम आवास का निर्माण कार्य शुरू हुआ है।
आवास विभाग ने उपलब्ध कराया नक्शा
पीएम आवास के निर्माण के लिए आवास विभाग ने जीडीए व अन्य विकास प्राधिकरण को नक्शा उपलब्ध कराया है। इसी के तहत सभी प्राधिकरणों को पीएम आवास का निर्माण करना होगा। इसमें 22 वर्ग मीटर कारपेट एरिया में दो कमरों के एक भवन में रसोई, शौचालय, बाथरूम और एक बालकनी भी होगी।