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डासना से हापुड़ के बीच एक्सप्रेस-वे नहीं, एनएच का उठाएं लुत्फ

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डासना से हापुड़ के बीच एक्सप्रेस-वे नहीं, एनएच का उठाएं लुत्फ
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के तीन हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। दिसंबर 2018 तक डासना से हापुड़ के बीच 21.6 किमी हिस्से का काम पूरा होना है। एक्सप्रेस-वे पर जनवरी 2018 तक वाहन सरपट दौड़ सकेंगे। यह हिस्सा एक्सप्रेस-वे नहीं कहलाएगा, क्योंकि इस पर एक्सप्रेस-वे जैसी सुविधाएं नहीं होगी। जहां कहीं पर भी फ्लाईओवर दिया जाएगा, उसके पास से मुख्य नेशनल हाईवे पर एंट्री दी जाएगी। एक तरह से सीधे हाईवे पर चढ़ सकेंगे।
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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि यह हिस्सा छह लेन नेशनल हाईवे कहलाएगा, जो जाम फिर होगा। हालांकि इससे एक्सप्रेस-वे नहीं कहा जा सकता। क्योंकि काफी जगहों से सीधे एंट्री दी जाएगी, लेकिन छह लेन की सड़क के साथ दोनों साइडों में सर्विस रोड भी दी जाएगी। पिलखुवा में करीब पांच किमी का एलिवेटेड रोड बनाया जा रही है, जिसके 155 पिलर बनकर तैयार हैं और ऊपर के हिस्से पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त हर छोटे बड़े कस्बे में फ्लाईओवर बनाया गया ताकि छह लेन को पूरी तरह से जाम फ्री बनाया जा सके। ध्यान रहे कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम चार हिस्सों में किया जा रहा है, जिसमें सराय काले खां से लेकर यूपी गेट तक फर्स्ट फेज में 8.7 किमी के 16 लेन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही डासना से हापुड़ तक 19.38 किमी के 16 लेन एक्सप्रेस-वे का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही तीसरे चरण में डासना से हापुड़ तक के हिस्से का काम भी प्रगति पर है, जो छह लेन नेशनल हाईवे के तौैर पर तैयार होगा। वहीं, डासना से मेरठ तक 38 किमी के हिस्से में काम अभी शुरू हुआ है। यह हिस्सा ग्रीन एक्सप्रेस-वे के तौर पर तैयार होगा, जिसमें चुनिंदा जगहों पर रोटरी बनाए जाएगा। जहां से वाहनों को चढ़ने व उतरने की सुविधा मिल सकेगी।
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