कई संगठनों का प्रदर्शन, एनएच-24 चार घंटे जाम
साहिबाबाद। दिल्ली के गाजीपुर से अगवा बच्ची के साहिबाबाद के मदरसे से बरामद होने का मामला तूल पकड़ गया है। बुधवार को कई संगठनों ने उक्त मदरसे के मौलवी को गिरफ्तार कर फांसी दिए जाने की मांग को लेकर एनएच-24 स्थित यूपी गेट पर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन करने आए लोग सड़क पर लेट नारेबाजी करने लगे। इस कारण करीब चार घंटे तक यूपी गेट पर जाम लगा रहा। पुलिस ने लाठी फटकारकर लोगों को खदेड़ा। लोगों ने इंदिरापुरम एसएचओ सचिन मलिक पर महिलाओं से अभद्रता और पुरुषों को घसीटने का आरोप लगाया है।
दिल्ली के गाजीपुर से 21 अप्रैल को 11 साल को अगवा कर लिया गया था। गाजीपुर थाने की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर 22 अप्रैल की रात बच्ची को साहिबाबाद पुलिस की मदद से अर्थला की नीलमणि कालोनी के मदरसे से बरामद कर लिया था। दिल्ली पुलिस धार्मिक स्थल से मौलवी समेत एक नाबालिग को पकड़कर ले गई थी। गाजीपुर पुलिस ने नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया था, लेकिन मौलवी पर कार्रवाई नहीं की थी। इससे नाराज कई संगठनों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने बुधवार सुबह करीब आठ बजे गाजीपुर थाने में हंगामा किया। इसके बाद वे 11 बजे खोड़ा के सामने एनएच-24 पर पहुंचे। यहां जाम लगा दिया। इंदिरापुरम और खोड़ा थाने की पुलिस लाठी फटकारकर प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ा।
परिजनों ने लगाया गैंगरेप का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची को षड्यंत्र के तहत अगवा किया गया। मदरसे में नशीला पदार्थ पिलाया गया। बाद में गैंगरेप भी किया गया। लड़की को छुपाने की नीयत से उसे चटाई में लपेटकर रखा गया। बच्ची को अगवा करने में नाबालिग, मौलवी व अन्य लोग शामिल हैं। इधर, मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच के बाद नाबालिग की भूमिका सामने आई थी। उसे पकड़कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। आगे मामले की छानबीन अपराध शाखा कर रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।