मंत्री ने अपनी ही पार्टी के दफ्तर पर लगवाया ताला
गाजियाबाद। प्रदेश सरकार के मंत्री ने अपनी ही पार्टी के दफ्तर पर शुक्रवार को ताला जड़वा दिया। सुबह जब महानगर इकाई के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दफ्तर पहुंचे तो कार्यालय पर ताला देखकर हैरान रह गए। पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा को पदमुक्त किए जाने के तुरंत बाद राजनगर स्थित कार्यालय पर ताला लगाए जाने की घटना पूरे दिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा में रही और शाम होते-होते आम हो गई। कारण जो भी हो लेकिन अब महानगर इकाई के पास अपना अलग कार्यालय नहीं है और नेहरू नगर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से ही पार्टी का कामकाज आगे बढ़ाया जाएगा।
महानगर कार्यालय पर ताला लगाए जाने की वजहों पर अलग-अलग चर्चाएं चल रहीं है लेकिन न तो दफ्तर पर ताला लगवाने वाले खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने खुलकर इस विषय पर कुछ कहा और न ही महानगर इकाई के नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी और अन्य पदाधिकारी कुछ बोल रहे हैं।
पहली चर्चा यह है कि अजय शर्मा को पदमुक्त किए जाने से मंत्री जी नाराज हैं जबकि दूसरी चर्चा है कि जिस बिल्डिंग में महानगर कार्यालय है वह मंत्री अतुल गर्ग की है और अजय शर्मा ने उसे किराए पर लिया हुआ था वहीं, तीसरी चर्चा है कि मंत्री अतुल गर्ग को किराए का भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण उन्होंने पार्टी दफ्तर पर ताला लगवा दिया जबकि चौथी चर्चा यह भी है कि पदमुक्त किए जाने के बाद से भाजपा कार्यकर्ताओं के एक धड़े में खुशी देख अजय शर्मा ने ही नाराज होकर कार्यालय बंद कर चाभी मंत्री अतुल गर्ग को दे दी। बहरहाल, यह महज चर्चाएं हीं हैं। असल वजह क्या है, कोई बताने तो तैयार नहीं है। पार्टी के ज्यादातर लोग इसे पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़कर भी देख रहे हैं। शुक्रवार को नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की प्रेसवार्ता के दौरान अतुल गर्ग से इस संदर्भ में सवाल भी पूछा गया लेकिन वह बस मुस्कुरा भर दिए। कुछ कहा नहीं। उधर, उनकी ओर से नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने चुटकी लेते हुए सवाल के जरिए जवाब दिया कि भाजपा के अंदर सिर्फ गलत ही क्यों देखा जा रहा है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक कार्यालय भले ही अजय शर्मा ने किराए पर लिया हो लेकिन कार्यालय को बनाने में कार्यकर्ताओं का ही पैसा लगा है, इसके साथ ही वहां लगे चार कंप्यूटर एवं अन्य सामान प्रदेश स्तर पर पार्टी की ओर से आया है।