गाजियाबाद। शास्त्रीनगर योजना के आवासीय भूखंडों पर रिकॉर्ड तोड़ बोली लगाई गई। इस योजना के आवासीय भूखंडों पर निवेशकों ने बढ़ चढ़कर उत्साह दिखाया। बागवाली कॉलोनी में स्थित दो आवासीय भूखंड, जिनका आरक्षित मूल्य 60 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित था। ये भूखंड तीन से चार गुना रेट के मूल्य पर बिके। दो लाख 20 हजार और दो लाख 60 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की उच्च दरों पर ये भूखंड बिके। अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को प्राधिकरण सभागार कक्ष में आयोजित नीलामी शिविर में जीडीए की विभिन्न योजनाओं में रिक्त 11 संपत्तियां बिकीं। इससे जीडीए को 234 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि कौशांबी योजना के आवासीय भूखंड जिनका आरक्षित मूल्य 93,000 प्रति वर्गमीटर था वो एक लाख 61 हजार और 1,95,000 प्रति वर्गमीटर की दर से बिके। वैशाली योजना में 4000 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले स्कूल के भूखंड का आरक्षित मूल्य 92,000 प्रति वर्गमीटर से बढ़कर 95,500 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से लगभग 38 करोड़ 20 लाख में नीलाम हुआ। इसके साथ ही नीलामी का प्रमुख आकर्षण कोयल एन्क्लेव योजना के दो ग्रुप हाउसिंग भूखंड रहे। अरक्षित मूल्य 60,000 प्रति वर्गमीटर था। ये भूखंड क्रमशः 60,400 और 60,450 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बिके। प्राधिकरण को लगभग 158 करोड़ की आय प्राप्त हुई।
वहीं, इंद्रप्रस्थ योजना के पॉकेट डी में स्थित 4,353 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले ग्रुप हाउसिंग भूखंड 43,500 की जगह 56,500 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बिके। इसी योजना के पॉकेट-ई में 195-195 वर्गमीटर के दो व्यावसायिक भूखंड 62,000 प्रति वर्गमीटर की दर से लगभग 1.20 करोड़ रुपये प्रति भूखंड में नीलाम किए गए। आठ जनवरी को भी जीडीए की ओर से 11 संपत्तियों की नीलामी की गई थी। इससे करीब 194 करोड़ की आय जीडीए को प्राप्त हुई थी। अपर सचिव ने कहा कि जनवरी में आयोजित दोनों नीलामियों से जीडीए को कुल मिलाकर लगभग 429 करोड़ की आय होने की संभावना है।