चुनौतीपूर्ण है श्रीनगर में पढ़ाई, पैरेंट्स रहते हैं चिंतित
गाजियाबाद। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) श्रीनगर की छात्रा मान्या गर्ग युद्ध के हालातों के बीच शुक्रवार दोपहर अपने घर पहुंच गई। सांसद व विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह के प्रयासों के चलते मान्या सहित एनआईएफटी के 15 विद्यार्थी सकुशल दिल्ली पहुंच गए। श्रीनगर से लौटी फैशन कम्युनिकेशन सेकेंड ईयर की छात्रा मान्या ने पढ़ाई के लिए श्रीनगर के हालात को चुनौती पूर्ण बताया। छुट्टी के बाद मान्या बीते 23 फरवरी को ही श्रीनगर पहुंची थीं, लेकिन पुलवामा अटैक के बाद युद्ध के बने हालात और अभिभावकों की चिंता के चलते उन्हें चार दिन बाद ही घर लौटना पड़ा।
गाजियाबाद पहुंची मान्या गर्ग ने बताया कि पुलवामा अटैक के बाद श्रीनगर में हड़ताल जैसे हालत थे। इंस्टीट्यूट पहुंचने के बाद केवल एक ही दिन उनकी क्लास चलीं, फिर क्लासेज को सस्पेंड कर दिया गया। उनके साथ अन्य विद्यार्थियों को हॉस्टल से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी। ऐसे में अभिभावकों की चिंता को देखते हुए उन्होंने विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह से संपर्क साधा। उन्होंने सभी स्टूडेंट के सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की। बीते बृहस्पतिवार को दो 1.30 बजे निकली उनकी बस लगातार चलकर शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे दिल्ली पहुंची।
उन्होंने बताया कि श्रीनगर में अधिकांश समय उन्हें हॉस्टल में बिताना पड़ता है। कब हड़ताल हो जाए, पता नहीं चलता। ऐसे में फैशन टेक्नोलॉजी से जुड़ा हुआ कोर्स होने के बावजूद एकेडमिक एक्सपोजर अधिक नहीं मिलता। श्रीनगर के खबरों को सुनकर उनके साथ सभी पैरेंट्स भी चिंतित रहते हैं। मान्या के साथ उनके पिता मनीष गर्ग और मां निधि गर्ग ने सांसद वीके सिंह का शुक्रियादा अदा किया। मान्या के साथ एनआईएफटी में ही गाजियाबाद की एक और छात्रा वर्णिका पढ़ती हैं। श्रीनगर से लौंटी मान्या व वर्णिका के साथ वाराणसी, दिल्ली, लखनऊ, मुरादाबाद, फरीदाबाद, लुधियाना, जबलपुर, पटना, चेन्नई के विद्यार्थी शामिल रहे।