आसमान में दिखी भारत की शक्ति
हिंडन (गाजियाबाद)। नीले आसमान में सामंजस्य के साथ करतब दिखाते विमान तो जमीन पर नीली वर्दी पहने कदम से कदम मिलाते जवान। यह अद्भुत नजारा था 86वें वायुसेना दिवस का। विमानों ने जहां देश की ताकत दिखाई, वहीं जवानों ने अपने करतबों से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। हिंडन एयरबेस के परेड ग्राउंड का हर कोना देशभक्ति के रंग में रंगा दिखा। हिंदुस्तानी एयरक्राफ्ट तेजस की उड़ान और करतबों से सभी दंग रह गए। सारंग आर सूर्यकिरण विमानों की संरचनाओं को लोगों ने जमकर सराहा। एयरचीफ मार्शल बीएस धानोआ ने कहा कि इंडियन एयरफोर्स ने वर्ष 2018 में इंडियन आर्मी और नेवी के साथ सबसे बड़ी एक्सरसाइज गगन शक्ति 2018 की। इसके जरिए जवानों ने विभिन्न परिस्थितियों में युद्ध अभ्यास किया।
हिंडन एयरबेस पर सोमवार को एयरफोर्स-डे की शुरुआत आकाशगंगा टीम के पैराजंपर्स ने की। आठ हजार फीट की ऊंचाई से आसमान में तिरंगा लहराते जमीन पर उतरे जवानों का स्वागत लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया। इसके बाद कदमताल करते हुए वायुसैनिक परेड ग्राउंड में पहुंचे। परेड ने वायुसेना प्रमुख, थल सेना प्रमुख विपिन कुमार रावत को जनरल सेल्यूट दिया। एयरचीफ मार्शल ने 5 वायुसेना मेडल गैलेंट्री, 14 वायु सेना मेडल और 28 विशिष्ट सेवा मेडल जवानों को प्रदान किए। उन्होंने दल के प्रदर्शन की प्रशंसा की और भारतीय वायुसेना को आने वाले समय में और मजबूत बनाने का वादा किया। फिर एयर वॉरियर ड्रिल टीम का अनुशासन और शरीर-दिमाग का तालमेल देखकर लोग वाह-वाह कर उठे। एयर शो की शुरुआत में विंटेज विमान ने भारतीय वायुसेना की ताकत दिखाई। इसके बाद वायुसेना की पहचान बन चुका ग्लोबमास्टर विमान दो सुखाई विमानों के साथ गुजरा। सुखोई, जगुआर और मिराज ने आसमान का सीना चीरते विक्ट्री, त्रिशूल फॉर्मेशन और वर्टिकल चार्ली मनूवर बनाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। टीम सूर्यकिरण और टीम सारंग के एरोबेटिक्स देखकर लोग रोमांचित हो उठे। स्टेटिक डिस्प्ले में मौजूद एमके-2 हेलीकॉप्टर, मिग-29, हॉक विमान, मिराज-2000, जगुवार, सुखोई-30, तेजस और सी-17 ग्लोबमास्टर के साथ लोग सेल्फी लेते दिखाई दिए।
सचिन तेंदुलकर की एक झलक के लिए बेताब दिखे लोग
एयरफोर्स-डे परेड के कांमेंट्री बॉक्स से जैसे ही सचिन के आने की घोषणा हुई लोगों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद दर्शक दीर्घा में सबसे आगे बैठे मास्टर ब्लास्टर की एक झलक के लिए लोग इंतजार करते रहे। एयर शो खत्म होते ही दर्शक दीर्घा के लोग सचिन को देखने हर प्रयास करते नजर आए। हालांकि एयरफोर्स के जवानों ने उन्हें लोगों के बीच जाने से रोक दिया।
एयर वॉरियर ड्रिल टीम ने जीता दिल
एयर वारियर ड्रिल टीम ने बंदूकों से अपनी एकाग्रता का नमूना पेश किया। ऐसा तालमेल कि बड़े-बड़े योद्धा भी अचरज में पड़ गए। इन जांबाजों ने वी-फार्मेशन के अलावा प्लस, इंक्लाइंड लाइन, फोर सक्वेयर, डबल लाइन और टन्नल फार्मेशन का अद्भुत प्रदर्शन किया।
देखने को मिला देशभक्ति का जज्बा
जवानों का अनुशासन और करतब देखकर लोग देशभक्ति से लबरेज दिखे। विदेशों से आए राजदूत भी भारतीय विमानों के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए।
देश की आसमानी ताकत पर नजर
सी-17 ग्लोबमास्टर : देश का सबसे बड़ा मालवाहक विमान। एक बार फ्यूल भरकर 75 टन का वजन उठाकर 40 हजार किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम। छोटे रनवे पर भी उतर सकता है।
मिराज-2000 : अचूक मारक क्षमता वाला यह विमान दुश्मनों के वार रोकने के साथ उन्हें उन पर हमला करने का काम करता है। यह कारगिल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।
जगुआर : एयरक्राफ्ट जमीन के अंदर तक मार करने में सक्षम है। इसे डीप पैनिट्रेशन स्ट्राइक क्रॉफ्ट भी कहा जाता है। दुश्मन के बंकर्स को उड़ाने में सक्षम है।
सुखोई-30 : स्पीड, बेहतर बैलेंस और विजुअल रेंज वैपन से युक्त यह विमान किसी भी परिस्थिति में दुश्मनों का सामना करने की क्षमता रखता है। मारक मिशन में 100 फीसदी सफलता प्राप्त करने में सक्षम।
एमआई 17 : एक मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर है जो किसी भी हाई एल्टीट्यूड ऑपरेशन में उपयोग किया जा सकता है। यह 250 किमी प्रति घंटा की स्पीड से 36 ट्रुप्स और 4 टन सामान ढो सकता है।
मिग-29 : एक फाइटर एयरक्रॉफ्ट है। 30 एमएम कैनन, क्लोज कोम्बाट मिसाइल और मीडियम रेंज राडार युक्त यह विमान दुश्मनों के दांत खट्टे कराने में सक्षम है।
हॉक एमके 132 जेट : ट्रेनर पॉयलट की ट्रेनिंग के लिए उपयोग किया जाता है। ट्रेनिंग के साथ वैपन लोड करने और रॉकेट और बम ले जाने में सक्षम है।