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प्रधान के घर से एक करोड़ का कैश बरामद

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प्रधान के घर से एक करोड़ रुपया बरामद
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गाजियाबाद। आयकर विभाग को पावी सादकपुर के ग्राम प्रधान के घर से एक करोड़ रुपये नकद और करोड़ों रुपये की संपत्ति के कागजात मिले हैं। साथ ही करीब आधा दर्जन बैंक खातों व लॉकर का पता चला है, जिनकी जांच की जा रही है। उधर, आयकर विभाग ने 20 करोड़ रुपये से अधिक के कैश पेमेंट में मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड के साहिबाबाद स्थित सूर्य नगर व अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है। यहां भी लेने-देन से जुड़े कागजात जब्त किए हैें।
आयकर की इंटेलिजेंस विंग ने गोपनीय सूचना पर बुधवार को लोनी पावी सादकपुर के प्रधान व सूर्य नगर में बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी की। टीम ने प्रधान धीर सिंह उर्फ धीरा प्रधान के यहां से एक करोड़ रुपया नकद बरामद किया है। बताया जा रहा है कि प्रधान जमीनों पर कब्जा करने और बेचने काम कर रहा था। आयकर विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कुछ अन्य संपत्तियों से जुड़े कागजात मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रधान व उसके परिजनों से जुड़े बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। साथ ही कुछ बैंक लॉकर्स का पता चला है, जिनकी जांच होनी बाकी है। बताया गया कि प्रधान व उसके परिजनों के नाम पर विछले पांच सालों में करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीदी गई है, जिसकी विस्तृत जांच होनी बाकी है। इसी बीच प्रधान के सभी बैंक खातों का पांच साल का लेने-देन खंगाला जा रहा है।
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नकद भुगतान पर फंसा बिल्डर
आयकर विभाग ने 20 करोड़ रुपये से अधिक के कैश भुगतान में बिल्डर मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड के ठिकानों पर भी छापा मारा है। देर रात तक चली छापेमारी में बिल्डर कैश भुगतान को लेकर कोई पेपर प्रस्तुत नहीं कर पाया। जबकि बिल्डर की ओर से दिन में कहा जा रहा था कि पैसा बैंक से लोन के तौर पर स्वीकृत कराया गया था, जिसे खातों से निकाला गया। मामले में आयकर टीम ने बैंक से लोन स्वीकृति कराने और खातों से जुड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी मांगी, लेकिन बिल्डर अभी तक कोई कागज नहीं दे पाया है। उक्त बिल्डर राज नगर एक्सटेंशन में रेड होम्स सोसायटी बना रहा है, जिससे जुड़े सभी कागजात जब्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि बिल्डर के सूर्य नगर व अन्य ठिकानों से खरीद बिक्री के कागजात जब्त किए गए हैं। उधर, बिल्डर के सभी बैंक खातों की जांच जारी है। बिल्डर के यहां आशियाना खरीदने वाले कुछ अधिकारी व व्यापारी भी आयकर के निशाने पर आ गए हैं। बताया जा रहा है कि बिल्डर से जुड़ी सोसायटी में फ्लैट खरीदने वालों में अधिकारियों की फेहरिस्त लंबी है। ऐसे में माना जा रहा है कि अधिकारियों की तरफ से दो नंबर में कैश में भुगतान कर फ्लैट खरीदे गए। अब ऐसे सभी अधिकारियों की फाइलों व बैंक खातों की जांच शुरू हो गई है।
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