पूजा कालोनी में एक हजार के नोट ने मासूम की जान ले ली। पिता एक हजार का नोट लिए डॉक्टरों के क्लीनिकों के चक्कर काटता रहा, लेकिन किसी ने भी इलाज नहीं किया। आखिरकार मासूम ने पिता की गोद में दम तोड़ दिया। पिता के पास खुले पैसे नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने इलाज से ही इंकार कर दिया।
पूजा कालोनी में सिलाई कारीगर हजरत अली, पत्नी बानो और दो बेटों और एक बेटी के साथ रहते हैं। बृहस्पतिवार शाम उनके छोटे बेटे अशफाक आलम (10) की तबीयत अचानक खराब हो गई। बुखार और पेट के दर्द का इलाज कराने के लिए वह डाक्टरों के क्लीनिक के चक्कर काटता रहा लेकिन कहीं भी इलाज नहीं मिला।
असल में एक हजार रुपये का नोट होने की वजह से क्लीनिकों में इलाज से इंकार कर दिया गया। करीब ढाई घंटे तक एक क्लीनिक से दूसरे क्लीनिक जाने के बाद पिता पड़ोसी की बाइक पर बैठ कर बेटे को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।