अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने बताया कि हमें अंदेशा है कि सोसायटी में एसटीपी संचालित है, जिसका पानी टंकी में चढ़ा दिया गया है। क्योंकि पानी में बदबू भी आ रही थी। इस पर सोसायटी का काम देख रहे बिल्डर के लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पानी का सैंपल भरकर जांच को भेजा जाना चाहिए। इसके बाद मलेरिया विभाग की टीम को बुलाकर पानी का सैंपल भरवाया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा, खाद्य सुरक्षा निरीक्षक उमाशंकर, जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा, कविनगर थाना प्रभारी अजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दोपहर करीब दो बजे चिकित्सकों की टीम आने के बाद सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने आने के साथ ही लोगों से बातचीत की और स्वास्थ्य टीमों को जांच के निर्देश दिए। उनके आने के आधे घंटे बाद जिला मलेरिया अधिकारी मौके पर पहुंचे और टावरों से पानी की सैंपलिंग की। उन्होंने पानी के टैंक में क्लोरीन भी डलवाई।
दूषित पानी को लेकर स्थानीय लोगों में बिल्डर और जीडीए को लेकर रोष है। लोगों ने कहा कि तमाम बार जीडीए के अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई है, लेकिन सोसायटी की समस्याओं समाधान नहीं कराया गया।