गाजियाबाद में तहसील प्रशासन ने सुठारी गांव में पूर्व सैनिक के परिजनों की कृषि भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया है। राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में पीड़ित को जमीन का वास्तविक कब्जा सौंपा।
गाजियाबाद में तहसील प्रशासन ने सुठारी गांव में पूर्व सैनिक के परिजनों की कृषि भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया है। राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में पीड़ित को जमीन का वास्तविक कब्जा सौंपा। 10 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अपनी भूमि वापस मिलने पर पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
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मामला सुठारी गांव का है, जहां वर्ष 1998 में ग्राम सभा द्वारा पूर्व सैनिक दयाशंकर को ढाई बीघा कृषि भूमि का पट्टा आवंटित किया गया था, उनके निधन के बाद उनका बेटा देवेंद्र शर्मा अपने परिवार के साथ शहर की गंगा विहार कॉलोनी में रहने चला गया। पीड़ित का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर गांव के ही एक व्यक्ति ने उक्त कीमती कृषि भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया।
पीड़ित देवेंद्र शर्मा ने बताया कि वे बीते 10 साल से अपनी ही जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। आखिरकार तीन दिन पूर्व पीड़ित ने प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा और जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई और भूमि को कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई।
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कैबिनेट मंत्री की पहल और जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ सुठारी गांव पहुंचकर पैमाइश कराई और अवैध कब्जा हटवाकर जमीन देवेंद्र शर्मा के सुपुर्द कर दी। 10 साल बाद न्याय मिलने पर देवेंद्र शर्मा ने कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और डीएम का आभार जताया है।