राशि ट्रांसफर होने पर बैंक व विभागीय अधिकारियों ने इसकी जानकारी साइबर टीम को दी। संदिग्ध लेनदेन की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार ने साइबर थाना प्रभारी व टीम के साथ मिलकर मामले की छानबीन की। टीम ने संबंधित बैंक से तुरंत पत्राचार किया और जमा हुई धनराशि के स्रोत और सत्यता की जांच की।
जांच में स्पष्ट हुआ कि यह राशि किसी आपराधिक गतिविधि का हिस्सा नहीं थी, बल्कि तकनीकी कारणों या मानवीय भूल के कारण यह रकम सीधे मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के बैंक खाते से ट्रांसफर होकर खुर्जा निवासी फरहान के खाते में आ गई थी।
एसपी क्राइम ने बताया कि चूंकि मामला सीधे तौर पर सरकारी धन की सुरक्षा से जुड़ा था, इसलिए साइबर सेल ने समन्वय और कानूनी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करते हुए पूरी धनराशि 1,11,49,001 को सफलतापूर्वक फ्रीज कराया और उसे नियमानुसार मध्यांचल विद्युत निगम के बैंक खाते में वापस करा दिया।