मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से बिल्डर और बायर्स के मामलों को देखने के लिए गठित टीम के आदेश पर विजय नगर पुलिस ने अंसल ग्रुप के डायरेक्टर समेत 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
आरोप है कि अंसल ग्रुप ने एक महिला को 22 लाख रुपये लेने के बावजूद प्लाट नहीं दिया। विजय नगर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
नेहरू नगर निवासी शिक्षिका उमा अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने 2012 में डूंडाहेड़ा में अंसल ग्रुप से 124 वर्ग मीटर का एक प्लॉट लिया था। प्लॉट की कीमत करीब 44 लाख रुपये थी।
कंपनी ने आधी रकम देने के बाद कब्जा देने का वादा किया था। इसके बाद उमा ने 22 लाख रुपये कंपनी में जमा करवाए। पुलिस की मानें तो उमा को प्लॉट मिल गया था लेकिन जिस जमीन पर उन्हें यह प्लॉट मिला था, वह किसानों की थी।
किसान हाईकोर्ट से उस जमीन पर चल रहे केस को जीत गए। इसके बाद जमीन किसानों की हो गई। वहीं, उमा ने जीडीए से इसकी शिकायत की तो जीडीए की बैठक में मामले के उठने के बाद अंसल ने उन्हें पांच लाख रुपये का चेक भी भेजा था, जिसे उन्होंने लौटा कर अपने प्लॉट की मांग की थी लेकिन प्लाट नहीं मिला।
एसएचओ विजय नगर का कहना है कि अंसल कंपनी के डायरेक्टर ललीत भसीन और पूर्व डायरेक्टर सुशील अंसल समेत 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।