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बंगलूरू की तर्ज पर होगा गाजियाबाद का विकास

Sat, 18 Oct 2014 02:15 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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जीडीए की 141वीं बोर्ड बैठक में शहर के बदलाव और वर्टिकल ग्रोथ का खाका खींचा गया। बोर्ड ने गाजियाबाद महायोजना-2021 का पुनरीक्षण करने के प्रस्ताव को मंजूर करने से अब गाजियाबाद का विकास बंगलूरू की तर्ज पर होगा। इसके तहत आईटी सेक्टर की नीतियों, राज्य शहरी आवास एवं पर्यावास नीति-2014 आदि के लिए आवश्यक प्रावधान होंगे।
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मिक्स्ड लैंडयूज कांसेप्ट को बढ़ावा दिया जाएगा। एनसीआर सब रीजनल प्लान-2021 के मुताबिक जरूरी नीतियां बनेंगी।

साथ ही योजनाओं में सीवर-मेंटीनेंस चार्ज, मेट्रो के लिए जमीन देने वालों के पुनर्वास की नीति के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए शासन की मंजूरी को भेजा गया है।

जीडीए सभागार में हुई बोर्ड बैठक में 29 प्रस्ताव रखे गए। बोर्ड ने पुराना बस अड्डा पेट्रोल पंप की जगह शापिंग कांप्लेक्स बनाने, गोविंदपुरम में बस स्टॉप की जमीन पर भूखंड सृजित करने, डीएमआरसी और नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड को कोयल इंक्लेव में जमीन आवंटित करने, राजनगर एक्सटेंशन के बिल्डरों से आठवें मेट्रो स्टेशन के बदले 250 रुपये प्रतिवर्गमीटर का शुल्क लिए जाने आदि प्रस्तावों को पास कर दिया।
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बैठक के बाद जीडीए उपाध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि 2005 में लागू गाजियाबाद महायोजना-2021 में कई विसंगतियां सामने आईं। इसमें भविष्य की जरूरत के लिहाज से आईटी सेक्टर, नई आवास नीति के मुताबिक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में शौचालय, वेडिंग जोन, सामुदायिक सुविधाओं आदि का प्रावधान नहीं है।

महायोजना में बदलाव कर उपजाऊ कृषि भूमि को बचाने और वर्टिकल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाली नीतियां बनाई जाएंगी। बैठक में डीएम विमल कुमार शर्मा, नगर आयुक्त आरके सिंह, जीडीए बोर्ड मेंबर धर्मवीर डबास, पार्षद अनिल स्वामी, रामकिशोर अग्रवाल, ओम त्यागी, जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले, मुख्य अभियंता वीके गोयल, जीडीए ओएसडी आरपी पाण्डेय, डीपी सिंह, एसपी गुप्त आदि थे।

नई नियमावली तैयार
जीडीए योजनाओं और बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स से सीवर-वाटर मेंटीनेंस शुल्क 2000 में हुई बोर्ड बैठक के आधार पर लेता है। अब जीडीए बोर्ड ने इसकी नियमावली तैयार कराई है। शहर में नियमावाली लागू करते हुए शासन को मंजूरी के लिए भेजा है।

मार्च 15 तक सेक्टर रेट फ्रीज
जीडीए ने 2012 में सेक्टर रेट डीएम सर्किल रेट के बराबर कर दिए थे। यह दरें बढ़कर पूर्व दरों की तुलना में दोगुनी हो गईं थीं। बढ़ी दरों पर संपत्तियां लाख कोशिशों के बाद नीलामी के जरिए नहीं बिक रही हैं। इसका एक कारण इंफ्रास्ट्रक्टर शुल्क और फ्रीहोलेड चार्ज भी है।

इसको द्रेखते हुए जीडीए ने पहले सितंबर 2014 तक और अब मार्च-2015 तक सेक्टर रेट फ्रीज कर दिए हैं। हालांकि बिल्डरों को कंपाउंडिग, एफएआर के लिए वर्तमान सर्किल रेट से ही पैसा देना होगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर कार्नर चार्ज
जीडीए नीलाम होने वाली संपत्तियों पर 10 फीसदी इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क लेता है। यदि संपत्ति कॉर्नर की है तो 10 फीसदी कॉर्नर चार्ज भी लेता है।

वर्तमान में जीडीए की कई बड़ी संपत्तियां इन चार्जों के कारण नहीं बिक पा रही हैं। बोलीदाताओं की आपत्तियों के बाद जीडीए ने इन दोनों चार्जों को खत्म करने के लिए समिति गठित की थी।

फिलहाल इन दोनों चार्जों को न लिए जाने का प्रस्ताव बोर्ड ने मंजूर कर लिया है। इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जब तक फैसला नहीं आता बोर्ड का निर्णय लागू होगा।

पेट्रोल पंप का प्रस्ताव मंजूर
जीडीए ने गोविंदपुरम योजना के ब्लॉक-ए में बस स्टाप के लिए 6279 वर्गमीटर जमीन छोड़ी थी। वर्तमान सर्वें में यहां 3700 वर्गमीटर ही जमीन मिली। भूखंड की माप-जोख और बीच से हाईटेंशन लाइन गुजरने के कारण यहां बस अड्डा बनाना उपयुक्त नहीं माना गया।

जीडीए बोर्ड ने यहां बस स्टाप की बजाए पेट्रोल पंप, 112 वर्गमीटर के 6, 125 वर्गमीटर के 5 आवासीय भूखंड, 11 दुकान भूखंड और पुलिस पोस्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया।

वाह्य विकास शुल्क का प्रस्ताव
दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक आने वाली मेट्रो के आठवें राजनगर एक्सटेंशन स्टेशन निर्माण लागत 50 करोड़ रुपये होगी। जीडीए ने इस स्टेशन से लाभांवित होने वाले जोन-1 क्षेत्र (राजनगर एक्सटेंशन) में पास होने वाले नक्शों पर 250 रुपये प्रतिवर्गमी. की दर से वाह्य विकास शुल्क का प्रस्ताव बोर्ड ने मंजूर कर लिया।
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