प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को गाजियाबाद का प्रदूषण का स्तर 222 दर्ज किया गया। इसके साथ गाजियाबाद देश के प्रदूषित शहरों की श्रेणी में चौथे पायदान पर पहुंच गया। वहीं, एनसीआर के शहरों में यह पहले स्थान पर बना हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थिति को काबू करने के लिए गाइडलाइंस तय की हैं। उधर, लोनी नगर पालिका क्षेत्र में प्रदूषण का ग्रॉफ ऑरेंज जोन में पहुंचने पर वहां निगरानी के लिए टीम तैनात की गई है। नगर निगम ने शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार भिवाड़ी 299 एक्यूआई के साथ देश में पहले स्थान पर रहा। सोनीपत 237 एक्यूआई के साथ दूसरे और आगरा 228 एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर रहा। गाजियाबाद का प्रदूषण 222 पर ऑरेंज जोन में बना रहा। यहां पर पीएम 2.5 मानक से दो गुना ज्यादा पाया गया। जो बेहद खतरनाक है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि लोनी में अभी सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ रहा है। वहां पर नगर पालिका के साथ मिलकर टीम निगरानी कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सहारनपुर मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर नियत तय किए गए हैं। इसके अलावा खुले में रखे निर्माण सामग्री को न ढकने, पानी का छिड़काव न करने व कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
गाइडलाइंस के अनुसार निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाली सामग्री के परिवहन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए बिल्डर्स, संस्था एवं ट्रांसपोर्ट्स के साथ बैठक कर निर्देश दिए गए हैं। अपशिष्ट- कूड़़ा करकट जलाने वालों को चिन्हित कर जुर्माने की कार्रवाई करने, सड़कों की धुलाई, वाटर स्प्रिंकलिंग के कार्य करने समेत 12 प्वाइंटों पर काम किया जा रहा है।
इससे पहले गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार को 212 और शु्क्रवार को 204 पर पहुंच गया था। इसके अलावा जनपद के चार स्टेशनों में लोनी की हालत बेहद खराब है। वहां एक्यूआई 246 पहुंच गया है। वसुंधरा में भी प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। यहां पर 227 एक्यूआई के साथ वसुंधरा स्टेशन दूसरे नंबर पर रिकॉर्ड हुआ। तीसरे पर इंदिरापुरम का प्रदूषण स्तर 188 पर रहा। संजय नगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 180 मापा गया।