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गाजियाबाद: अपनी मर्जी से गए थे कारोबारी पराग, 11वें दिन कोलकाता में मिले

Fri, 06 Nov 2020 12:49 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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पुलिस ने व्यापारी पराग घोष को सकुशल बरामद किया - फोटो : अमर उजाला
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27 अक्तूबर को लापता हुए कारोबारी पराग घोष के अपहरण के कयास पर विराम लगाते हुए पुलिस ने 11वें दिन शुक्रवार सुबह उन्हें कोलकाता के होटल से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में उन्होंने आर्थिक तंगी के चलते अपनी मर्जी से जाने की बात कबूल की है। पुलिस की टीम पराग घोष को लेकर शुक्रवार शाम की फ्लाइट से कोलकाता से दिल्ली के लिए रवाना हुई। कारोबारी के सकुशल बरामद होने की सूचना मिलते ही परिजनों के चेहरे खिल उठे। 

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 एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि ग्रॉसरी कारोबारी पराग घोष को तलाशने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। पुलिस की टीमों ने गाजियाबाद, दिल्ली और हरियाणा के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो चार स्थानों पर पराग घोष कैद मिले। इसके अलावा 500 से अधिक मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकाली गई। इंदिरापुरम में ट्रेस होने के बाद पुलिस की टीमों ने 100 से अधिक घरों में जाकर पराग घोष को ढूंढा था। दिल्ली के गाजीपुर टोल और सराय काले खां में पराग घोष खुद ही अपनी कार ले जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे। इससे जाहिर था कि पराग घोष खुद ही गए हैं। उनके साथ किसी तरह की आपराधिक घटना नहीं हुई है।

 एसएसपी ने बताया कि कारोबारी का मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में उन्हें ट्रेस करना बेहद मुश्किल था। कड़ी मशक्कत व दिनरात की मेहनत के बाद शुक्रवार सुबह कोलकाता के न्यू मार्केट स्थित होटल कॉटिनेंटल गेस्ट हाउस से उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया है कि वह आर्थिक तंगी के चलते खुद ही घर से चले गए थे। घर से निकलने के बाद उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। इसके बाद वह किसी जानकार या परिजन के संपर्क में भी नहीं थे।
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हिमाचल घूमे, उसके बाद दिल्ली में कार खड़ी कर कोलकाता पहुंचे
एसएसपी ने बताया कि 27 अक्तूबर को घर से निकलने के बाद पराग घोष ने इंदिरापुरम स्थित एटीएम बूथ से पैसे निकाले और फिर पास के ही एक मॉल में गए। 28 अक्तूबर को वह दिल्ली में रहे और फिर 29 अक्तूबर को कार लेकर पंजाब-हरियाणा होते हुए हिमाचल घूमने चले गए। गत तीन नवंबर को पराग हिमाचल से वापस कार लेकर दिल्ली पहुंचे। उन्होंने दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास निजी पार्किंग में कार खड़ी की और पांच नवंबर को ट्रेन से कोलकाता पहुंच गए। कोलकाता पहुंचने का पता लगते ही पुलिस टीम फ्लाइट के जरिये वहां भेज दी गई। शुक्रवार सुबह उन्हें होटल से बरामद कर लिया गया।

अपने ही नाम से लिए नए सिम से मिला सुराग
पुलिस के मुताबिक पराग घोष ने इंदिरापुरम स्थित एटीएम से पैसे निकालने के बाद नया सिम और मोबाइल खरीदा। इस नंबर से उन्होंने किसी जानकार या परिजन से बात नहीं की। मोबाइल नेटवर्किंग कंपनी के जरिये पराग घोष के नाम से नया मोबाइल नंबर इश्यू होने का पता लगते ही पुलिस ने नया नंबर ट्रेस कर लिया। इसी के जरिये पुलिस पराग घोष तक पहुंची।

साथ में जहर लेकर घूम रहे थे पराग
पुलिस के मुताबिक पराग घोष अपने साथ जहर लेकर घूम रहे थे। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि उनकी योजना आत्महत्या करने की थी। पराग घोष अपने व्यापार को लेकर परेशान थे। इंदिरापुरम में चल रहे ग्रॉसरी स्टोर को वह संजयनगर में शिफ्ट करने की प्लानिंग कर रहे थे, लेकिन आर्थिक संकट आड़े आ रहा था। मन की शांति के लिए पराग हिमाचल के पहाड़ी इलाके में चले गए थे। पुलिस की जांच में पूर्व में यह बात सामने भी आ चुकी थी कि पराग को पहाड़ी इलाकों में घूमने का शौक है।

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